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बनारस में खुलेगा खादी के उत्पादों के लिए राष्ट्रीय स्तर का सेंटर
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दिल्ली, मुंबई और लखनऊ के बाद अब बनारस में खादी के उत्पादों के बिक्री और खरीद के लिए राष्ट्रीय स्तर का सेंटर खोला जाएगा। इसके लिए खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष विनय सक्सेना की ओर मंजूरी मिल गई। आयोग के मंडलीय कार्यालय तेलियाबाग के प्रांगण में 30 लाख रुपये की लागत से दिसंबर तक बनकर तैयार होने वाले सेंटर में कश्मीर से कन्याकुमारी और बंगाल से गुजरात के देश के सभी राज्यों के प्रसिद्ध क्षेत्रीय उत्पादों की शामिल किया जाएगा। सेंटर का शिलान्यास 17 अक्तूबर को होगा।
मंडलीय प्रभारी डीएस भाटी ने बताया कि हर साल मंडलीय कार्यालय तेलियाबाग के प्रांगण में लगने वाली अस्थायी राष्ट्रीय प्रदर्शनी को स्थायी करने की मांग लंबे समय से हो रही है। जिसे ध्यान में रखते हुए उक्त निर्णय लिया गया है। मुंबई, दिल्ली और लखनऊ के बाद राष्ट्रीय स्तर का यह चौथा के सेंटर होगा। इसमें जम्मू कश्मीर की पश्मीना साल, झांसी के मिट्टी के बर्तन, लकड़ी के उत्पाद, बंगाल की प्रसिद्ध मलमल साड़ी सहित कुम्हारों, बढ़ई और मोचियों के उत्पाद शामिल होंगे। भाटी ने बताया कि दो हजार स्क्वायर फीट में एक मंजिला राष्ट्रीय सेंटर मंडलीय कार्यालय में बनेगा।
रोजगार का होगा सृजन
राष्ट्रीय सेंटर को खुलने से वाराणसी मंडल के उन कारीगरों को एक राष्ट्रीय बाजार का विकल्प मिलेगा, जिन्हें केवीआईसी व्यावसायिक रूप से प्रशिक्षित करता है। कोरोना महामारी में बीते दो साल में मंडल के सैकड़ों युवाओं को कुंभकारी, ब्लैक पॉटरी, पेपर कनर्वजन, मोची, लकड़ी के उत्पादों को तैयार करने का प्रशिक्षण के साथ साथ टूल कीट और लोन की सुविधा मुहैया कराई जा चुकी है।
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मंडलीय प्रभारी डीएस भाटी ने बताया कि हर साल मंडलीय कार्यालय तेलियाबाग के प्रांगण में लगने वाली अस्थायी राष्ट्रीय प्रदर्शनी को स्थायी करने की मांग लंबे समय से हो रही है। जिसे ध्यान में रखते हुए उक्त निर्णय लिया गया है। मुंबई, दिल्ली और लखनऊ के बाद राष्ट्रीय स्तर का यह चौथा के सेंटर होगा। इसमें जम्मू कश्मीर की पश्मीना साल, झांसी के मिट्टी के बर्तन, लकड़ी के उत्पाद, बंगाल की प्रसिद्ध मलमल साड़ी सहित कुम्हारों, बढ़ई और मोचियों के उत्पाद शामिल होंगे। भाटी ने बताया कि दो हजार स्क्वायर फीट में एक मंजिला राष्ट्रीय सेंटर मंडलीय कार्यालय में बनेगा।
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रोजगार का होगा सृजन
राष्ट्रीय सेंटर को खुलने से वाराणसी मंडल के उन कारीगरों को एक राष्ट्रीय बाजार का विकल्प मिलेगा, जिन्हें केवीआईसी व्यावसायिक रूप से प्रशिक्षित करता है। कोरोना महामारी में बीते दो साल में मंडल के सैकड़ों युवाओं को कुंभकारी, ब्लैक पॉटरी, पेपर कनर्वजन, मोची, लकड़ी के उत्पादों को तैयार करने का प्रशिक्षण के साथ साथ टूल कीट और लोन की सुविधा मुहैया कराई जा चुकी है।
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