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पीएम मोदी की परीक्षा में सौ फीसदी पास होना चाहते हैं बच्चे, कर रहे जी तोड़ मेहनत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 17 Sep 2018 10:12 AM IST
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नरउर प्रथामिक विद्यालय के बच्चे
- फोटो : amar ujala
प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को बनारस के नरउर प्रथामिक विद्यालय में बच्चों के साथ अपना जन्मदिन मनाएंगे। इसलिए छुट्टी के दिन भी रविवार को सभी बच्चे सुबह ही स्कूल पहुंच गये। देर शाम तक रिहर्सल चली। जिन बच्चों को ‘रूम टू रीड’ में बैठाया जाना है, उन्होंने हैंगिंग लाइब्रेरी की हर एक किताब को पलट डाला। क्या पता पीएम बच्चों से क्या पूछ लें। पीएम की इस परीक्षा में बच्चे सौ फीसदी पास होना चाहते हैं।
टाइल्स लगी कक्षाएं, सभी कक्षाओं में टेबल चेयर और फर्नीचर। स्मार्ट क्लास में बैठने वाले 20 बच्चों को लीड करने के लिए पूर्व माध्यमिक विद्यालय की तीन छात्राएं बुला ली गई हैं। स्मार्ट क्लास को ये बहुत अच्छी तरह हैंडल कर रही हैं।
इसी स्मार्ट क्लास में बच्चों को पीएम मोदी पर बनीं फिल्म ‘चलो जीते हैं’ भी दिखाई जाएगी। पूर्व माध्यमिक विद्यालय केसरीपुर की छात्राएं रोशनी और सोनाली एक दिन पहले स्कूल परिसर की दीवारों पर रंग भर रही थीं। टीचर उनके सहयोग में लगी हुई थीं।
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जीटी रोड पर रोहनिया पार करते ही गांव नरउर है। मुख्यमार्ग से एक कच्चा रास्ता प्राथमिक विद्यालय की ओर जाता था, जो अब शानदार पक्की सड़क बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को शाम पांच बजे प्राथमिक विद्यालय नरउर में 200 बच्चों के साथ संवाद करेंगे। यहां पर वह रूम टू रीड देखेंगे और स्मार्ट क्लास का शुभारंभ भी करेंगे।
विद्यालय के खुले परिसर में बच्चों के लिए कुर्सियां लगाई जाएंगी। एक शिक्षक के मानिंद सामने पीएम मोदी होंगे। बच्चों से सवाल जवाब करेंगे। बच्चे जो कुछ पूछना चाहेंगे उनसे पूछेंगे। प्राथमिक विद्यालय व पूर्व माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों के अलावा इस दौरान वहां कोई नहीं होगा। बच्चों की ओर से पीएम मोदी को हस्तनिर्मित ग्रीटिंग कार्ड दिया जाएगा।
बच्चों के इस संवाद में प्राथमिक विद्यालय नरउर के 60, पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरउर के 25, प्राथमिक विद्यालय ककरहिया के 25, प्राथमिक विद्यालय नागेपुर के 25 और प्राथमिक विद्यालय मोहनसराय के 25 बच्चे शामिल रहेंगे।
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टाइल्स लगी कक्षाएं, सभी कक्षाओं में टेबल चेयर और फर्नीचर। स्मार्ट क्लास में बैठने वाले 20 बच्चों को लीड करने के लिए पूर्व माध्यमिक विद्यालय की तीन छात्राएं बुला ली गई हैं। स्मार्ट क्लास को ये बहुत अच्छी तरह हैंडल कर रही हैं।
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इसी स्मार्ट क्लास में बच्चों को पीएम मोदी पर बनीं फिल्म ‘चलो जीते हैं’ भी दिखाई जाएगी। पूर्व माध्यमिक विद्यालय केसरीपुर की छात्राएं रोशनी और सोनाली एक दिन पहले स्कूल परिसर की दीवारों पर रंग भर रही थीं। टीचर उनके सहयोग में लगी हुई थीं।
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जीटी रोड पर रोहनिया पार करते ही गांव नरउर है। मुख्यमार्ग से एक कच्चा रास्ता प्राथमिक विद्यालय की ओर जाता था, जो अब शानदार पक्की सड़क बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को शाम पांच बजे प्राथमिक विद्यालय नरउर में 200 बच्चों के साथ संवाद करेंगे। यहां पर वह रूम टू रीड देखेंगे और स्मार्ट क्लास का शुभारंभ भी करेंगे।
विद्यालय के खुले परिसर में बच्चों के लिए कुर्सियां लगाई जाएंगी। एक शिक्षक के मानिंद सामने पीएम मोदी होंगे। बच्चों से सवाल जवाब करेंगे। बच्चे जो कुछ पूछना चाहेंगे उनसे पूछेंगे। प्राथमिक विद्यालय व पूर्व माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों के अलावा इस दौरान वहां कोई नहीं होगा। बच्चों की ओर से पीएम मोदी को हस्तनिर्मित ग्रीटिंग कार्ड दिया जाएगा।
बच्चों के इस संवाद में प्राथमिक विद्यालय नरउर के 60, पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरउर के 25, प्राथमिक विद्यालय ककरहिया के 25, प्राथमिक विद्यालय नागेपुर के 25 और प्राथमिक विद्यालय मोहनसराय के 25 बच्चे शामिल रहेंगे।
पीएम मोदी से रिटर्न गिफ्ट में चाहिए नशा, दहेज से मुक्ति
स्कूल में पीएम के स्वागत की तैयारी
- फोटो : amar ujala
पीएम मोदी से उनके गोद लिए गांव ककरहिया की बच्चियों को बर्थडे पर रिटर्न गिफ्ट चाहिए। ये बच्चियां पीएम को जन्मदिन की बधाई तो देंगी, साथ ही उनसे अपील करेंगी कि स्वच्छ भारत अभियान की तरह ही नशा मुक्ति और दहेज प्रथा के खिलाफ भी पूरे देश में हल्ला बोल हो जाए।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय ककरहिया की श्वेता मौर्या, आकांक्षा पटेल और शिखा पटेल समेत 25 बच्चे पीएम के संवाद में शामिल होंगे। कक्षा सात ही छात्रा आकांक्षा का कहना है कि अगर हमें प्रधानमंत्री जी से बात करने का मौका मिला तो हम उनसे यही रिटर्न गिफ्ट मांगेंगे कि जिस तरह से देश भर में स्वच्छता अभियान चलाया है, नशा और दहेज को खत्म करने का भी उपाय करें।
दहेज की वजह से उनके गांव में कई महिलाओं ने फांसी लगाकर जान दी है। आकांक्षा बताती हैं कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिल चुकी हैं। उस वक्त उन्होंने हमसे कहा था कि हम पढ़ लिखकर विकास की गति को आगे बढ़ा सकते हैं। श्वेता बताती हैं कि स्मार्ट क्लास से उन्हें पढ़ाई करने में काफी मदद मिली है।
उधर, अधिकारी भी छात्रों के ज्ञान वर्धन में जुटे रहे। वहीं शिक्षक भी अपनी जानकारी बढ़ाने और खुद को अपडेट करते दिखे। क्लास से एक शिक्षक बाहर निकलता तो दूसरे मास्टर साहब अंदर आ जाते। कभी कोई सवाल करता तो कभी कोई नई जानकारी देता।
जैसे ही शिक्षक या स्कूल में पहुंचने वाले लोग सवाल करते कि पीएम का क्या नाम है? बच्चे तपाक से जवाब देते नरेंद्र दामोदर दास मोदी। वहीं बच्चे महापुरुषों, देश की प्रसिद्ध हस्तियों से लेकर वर्णमाला, गिनती, पहाड़ा आदि का रट्टा मारते रहे।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय ककरहिया की श्वेता मौर्या, आकांक्षा पटेल और शिखा पटेल समेत 25 बच्चे पीएम के संवाद में शामिल होंगे। कक्षा सात ही छात्रा आकांक्षा का कहना है कि अगर हमें प्रधानमंत्री जी से बात करने का मौका मिला तो हम उनसे यही रिटर्न गिफ्ट मांगेंगे कि जिस तरह से देश भर में स्वच्छता अभियान चलाया है, नशा और दहेज को खत्म करने का भी उपाय करें।
दहेज की वजह से उनके गांव में कई महिलाओं ने फांसी लगाकर जान दी है। आकांक्षा बताती हैं कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिल चुकी हैं। उस वक्त उन्होंने हमसे कहा था कि हम पढ़ लिखकर विकास की गति को आगे बढ़ा सकते हैं। श्वेता बताती हैं कि स्मार्ट क्लास से उन्हें पढ़ाई करने में काफी मदद मिली है।
उधर, अधिकारी भी छात्रों के ज्ञान वर्धन में जुटे रहे। वहीं शिक्षक भी अपनी जानकारी बढ़ाने और खुद को अपडेट करते दिखे। क्लास से एक शिक्षक बाहर निकलता तो दूसरे मास्टर साहब अंदर आ जाते। कभी कोई सवाल करता तो कभी कोई नई जानकारी देता।
जैसे ही शिक्षक या स्कूल में पहुंचने वाले लोग सवाल करते कि पीएम का क्या नाम है? बच्चे तपाक से जवाब देते नरेंद्र दामोदर दास मोदी। वहीं बच्चे महापुरुषों, देश की प्रसिद्ध हस्तियों से लेकर वर्णमाला, गिनती, पहाड़ा आदि का रट्टा मारते रहे।