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नरेंद्र गिरि मौत मामला: महंत का चहेता शिष्य कम उम्र में बना करोड़पति, घटना के बाद जौनपुर सुर्खियों में

Wed, 29 Sep 2021 11:51 AM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Wed, 29 Sep 2021 11:51 AM IST
सार

  • खुटहन के विशुनपुर गांव में अभिषेक का बना है आलीशान मकान।
  • प्रयागराज लेटे हनुमान जी मंदिर में लड्डू बेचने का काम करता है अभिषेक। 
  • इसी वर्ष मई महीने में तिलकोत्सव पर जौनपुर पहुंचे थे महंत नरेंद्र गिरि।

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Narendra Giri death case Abhishek became a millionaire by staying in company of Mahant, Jaunpur in headlines after incident
विशुनपुर गांव में अभिषेक का मकान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रयागराज में बाघंबरी गद्दी मठ में महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले में जौनपुर के खुटहन थाना क्षेत्र का विशुनपुर गांव भी चर्चा में आ गया है। वजह महंत के परम प्रिय शिष्य अभिषेक मिश्रा का पैतृक आवास इसी गांव में है, जो मंदिर परिसर में लड्डू की दुकान चलाता है।

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हालांकि, घटना के बाद से उनका पूरा परिवार प्रयागराज स्थित आवास पर है। बताया जा रहा है कि मामले की चल रही जांच के दौरान अधिकारियों ने अभिषेक मिश्रा का भी मोबाइल जब्त किया है। सत्यप्रकाश मिश्रा गांव के बाजार में किराना और पशु आहार की दुकान चला कर परिवार का गुजारा करते हैं।
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उनके दो पुत्रों में बड़ा अंबुज और छोटा अभिषेक मिश्रा हैं। दोनों भाई बचपन में ही शिक्षा के लिए प्रयागराज चले गए। जहां 12 वर्ष की अवस्था में अभिषेक बाघंबरी अखाड़े से जुड़ गए।  विशुनपुर गांव के पूर्व प्रधान राजेंद्र मिश्रा बताते हैं कि अभिषेक के दादा और चाचा शिक्षक हैं और परिवार संपन्न है। इसी साल मई में अभिषेक की मध्यप्रदेश में शादी हुई है।

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महंत नरेंद्र गिरि मई में आए थे जौनपुर

तिलकोत्सव विशुनपुरा स्थित घर से ही किया गया था, तब 15 मई को महंत नरेंद्र गिरि भी आए थे। अभिषेक उनके परम प्रिय शिष्यों में एक हैं। उनकी ही मदद से लगभग दो बीघे में बना आलीशान भवन अभिषेक ने बनवाया है।

बताते हैं कि इस मकान को बनवाने के लिए बगल के किसान से एक बीघे जमीन आपसी समझौते से बदलकर ली गई। अभिषेक मंदिर में लड्डू बेचने का काम करता है और महंत के आसपास ही रहता हमेशा रहा।   
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