फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   napanchami

नाग पंचमी पर नहीं गूंजेगा छोटे गुरु का, बड़े गुरु का नाग ले लो

Sat, 25 Jul 2020 12:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2020 12:42 AM IST
विज्ञापन
napanchami
वाराणसी। काशी के इतिहास में पहली बार गलियों में छोटे गुरु का नाग, बड़े गुरु का नाग ले लो... की आवाज नहीं गूंजेगी। 25 जुलाई को नागपंचमी पर नागकूप पर न मेला लगेगा और न दर्शन होगा। संक्रमण को देखते हुए मेला समिति ने यह निर्णय लिया है। वहीं शास्त्रार्थ का भी आयोजन ऑनलाइन किया जाएगा। अखाड़ों में भी नागपंचमी पर ना तो पूजा होगी और ना ही दंगल का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन

नाग कुआं मंदिर समिति के आचार्य कुंदन पांडेय ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार संक्रमण के चलते नाग पंचमी के दिन नाग कुंआ मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए दर्शन पूजन और मेले पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि नाग पंचमी के दिन भक्त अपने घरों में ही रहकर भगवान शिव की अराधना करें।
विज्ञापन

घर के दरवाजे पर बनाएं नाग की मूर्ति
शास्त्रों के अनुसार सावन शुक्ल पंचमी को घर के दरवाजे के दोनों ओर गोबर से नाग की मूर्ति बना कर या फोटो चिपका कर नाग पूजन करना चाहिए। इसमें भी पांच फण वाले नागों का अधिक महत्व है। शास्त्र अनुसार नाग 12 प्रकार के होते हैं। इनमें अनंत, पुलित, वासुकी, शंखपाल, पद्म, महापद्म, तक्षक, कर्कोटक, शंखचूड़, घातक, विषधर और शेषनाग शामिल हैं। इन सभी नागों का पंचोपचार या षोडशोपचार पूजन करना चाहिए। वैसे तो हिंदी के बारहों मासों के शुक्ल पक्ष में हर पंचमी को एक नाग के पूजन का विधान होता है, लेकिन नाग पंचमी को विधिवत नागों की पूजा से सभी तरह के नाग देवता प्रसन्न होते हैं। इस दिन नागों को दूध, लावा की खीर इत्यादि खिलाना या चढ़ाना चाहिए। नाग पूजा का संबंध महाभारत काल से माना जाता है। इस दिन नागों की पूजा करने से सर्प का भय नहीं रहता। ज्योतिषाचार्य दीपक मालवीय ने बताया कि पंचमी तिथि 25 जुलाई को दोपहर 1बजकर 29 मिनट तक रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाजार में हुई लावा और नाग देव की तस्वीरों की खरीदारी
नागपंचमी पर पूजन के लिए बाजारों में शुक्रवार को लावा और नाग देवता की तस्वीरों की खरीदारी हुई। शनिवार और रविवार को बाजार बंद होने के कारण शुक्रवार को ही लोगों ने पूजन की सामग्री खरीद ली। शहर में जगह-जगह तस्वीर और लावा की दुकानें सजाई गई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed