Holi 2025: चौसट्ठी देवी की आरती उतार कर की जन कल्याण की कामना, घाट पर जगाई स्वच्छता की अलख
Varanasi Latest News: नमामि गंगे ने गुरुवार की सुबह माता चौसट्ठी देवी की आरती उतारी। इसके बाद चौसठ्ठी घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया।
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होली के पर्व के अवसर पर नमामि गंगे ने गुलाल भरी एक मुट्ठी से रीझने वाली और भगवान शिव के जटाजूट के आघात से प्रकट चौंसठ योगिनियों के रूप में प्रतिष्ठित चौसठ्ठी देवी की आरती उतार कर जन कल्याण की कामना की।
काशी के होली उत्सव धूलिवंदन की 500 वर्ष की परंपरा के तहत पूजी जाने वाली माता चौसठ्ठी के चरणों को अबीर-गुलाल से पखार कर राष्ट्र के लिए भय, बाधा से मुक्ति का वरदान मांगा गया।
साथ ही मां गंगा के तट पर स्थित चौसठ्ठी घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। घाट पर सफाई कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि बनारस की होली काशीपुराधिपति से जुड़ी है। माता पार्वती के गौने रंगभरी एकादशी पर काशीवासी बाबा विश्वनाथ और मां गौरा को गुलाल अर्पित करके फगुआ की अनुमति लेते हैं।
कहा कि पांच सौ वर्षों से भी अधिक समय से काशीवासी रंगोत्सव के बाद मां चौसठ्ठी देवी को गुलाल अर्पित करके धूलिवंदन के साथ ही दरबार को जागृत करते हैं। चौसट्ठी देवी के चरणों में गुलाल चढ़ाए बगैर काशी में रंगोत्सव की पूर्णता ही नहीं मानी जाती है।
चौसट्ठी घाट के गंगा तट पर स्वच्छता करके सभी से पर्यावरण संरक्षण की कामना की है। आयोजन के दौरान प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला, मंदिर के महंत पं. चुन्नीलाल पंड्या एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।