नागनथैया: तुलसीघाट पर 25 को जीवंत होगी लीला, मुकुट पूजन के साथ 14 से 21 दिवसीय श्रीकृष्ण लीला
काशी के तुलसीघाट पर होने वाली नागनथैया के मंचन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस लक्खा मेले में देश ही नहीं विदेशों से भी लोग आते हैं। मुकुट पूजन के साथ विधिवत इस लीला की शुरुआत होती है।
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लक्खा मेले में शामिल तुलसीघाट की सदियों पुरानी परंपरा ‘नागनथैया’ लीला इस वर्ष 25 अक्तूबर को जीवंत रूप में प्रस्तुत की जाएगी। गंगा तट पर आस्था और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। कुछ समय के लिए गंगा, यमुना में परिवर्तित होती प्रतीत होगी और गंगातट वृंदावन जैसा दृश्य प्रस्तुत करेगा। इस लीला की शुरुआत 14 अक्तूबर को विधिवत मुकुट पूजन से होगी।
अखाड़ा गोस्वामी तुलसीघाट की ओर से आयोजित इस नागनथैया लीला की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। घाटों की सफाई का कार्य जारी है और कारीगर लकड़ी के नाग बनाने में जुटे हुए हैं। संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र ने बताया कि नागनथैया (कालियादहन) की लीला 25 अक्तूबर को संपन्न होगी।
14 अक्तूबर से लीला की विधिवत शुरुआत मुकुट पूजन से की जाएगी। इसके बाद 21 दिनों तक प्रभु श्रीकृष्ण की विविध लीलाएं जैसे जन्मोत्सव, पूतना वध, वकासुर वध, तृणावर्त, कंस वध, माखनचोरी, चीरणहरण, गोवर्धन लीला, नंद एकादशी, दशावतार झांकी, दान और रासलीला प्रस्तुत की जाएंगी। उन्होंने बताया कि ‘नाग नथैया’ लीला की परंपरा साढ़े चार सौ साल से भी अधिक पुरानी है, जिसकी शुरुआत स्वयं गोस्वामी तुलसीदास जी ने की थी।
कालिया नाग का मर्दन देखने उमड़ेगी भीड़
नाग नथैया की लीला के दौरान तुलसीघाट पर जनसैलाब उमड़ पड़ता है। भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप धारण किए कलाकार गंगा में छलांग लगाएंगे और कालिया नाग का मर्दन कर बाहर निकलेंगे। इस अद्भुत दृश्य के दर्शन हेतु घाटों, छतों, नावों और बजड़ों से लोगों की भीड़ उमड़ पड़ेगी।