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नाग पंचमीः काशी में महर्षि पतंजलि की तपस्थली पर मेला जैसा नजारा, गलियों में गूंजा छोटे गुरु का नाग ले, बड़े गुरु का नाग ले लो

Fri, 13 Aug 2021 02:19 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 13 Aug 2021 02:19 PM IST
सार

जैतपुरा स्थित नागकूप महर्षि पतंजलि की तपोस्थली है। नाग पंचमी पर हर साल उनकी जयंती श्रद्धाभाव से मनाई जाती है। इस वर्ष कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार मंदिर में दर्शन पूजन का इंतजाम किया गया था। कोरोना संक्रमण को देखते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ कम रही। 

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Nag Panchami in varanasi devotee came at Maharishi Patanjali birth place nagkup in Kashi take snake of younger guru in streets
नागकूप स्थित नागेश्वर महादेव के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी की गलियों में नागपंचमी का उल्लास शुक्रवार सुबह से ही नजर आने लगा। भोर से ही गलियों में छोटे गुरु का नाग ले लो, बड़े गुरु का नाग ले लो की आवाज गूंजने लगी थी। वहीं जैतपुरा स्थित नागकूप पर मेला जैसा नजारा रहा। मंगला आरती के बाद से दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया। अनुष्ठान पूजन के साथ ही लोगों ने नाग देवता से परिवार की कुशलता की कामना की।

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बता दें कि  जैतपुरा स्थित नागकूप महर्षि पतंजलि की तपोस्थली है। नाग पंचमी पर हर साल उनकी जयंती श्रद्धाभाव से मनाई जाती है।  कहा जाता है कि ‘योगसूत्र’ के रचनाकार महर्षि पतंजलि ने कभी जैतपुरा मोहल्ले में नागकूप पर श्रावण कृष्ण पंचमी को ही अपने गुरु महर्षि पाणिनी के ‘अष्टाध्यायी’ ग्रंथ पर महाभाष्य पूरा किया था। तभी से उस स्थान पर मेला लगता आ रहा है।
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शुक्रवार सुबह से ही जैतपुरा स्थित नागकूप पर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार मंदिर में दर्शन पूजन का इंतजाम किया गया था। कोरोना संक्रमण को देखते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ कम रही। पिछले साल संक्रमण के कारण नागकूप पर श्रद्धालुओं को दर्शन नहीं मिले थे।
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नागकूप स्थित नागेश्वर महादेव की मंगला आरती के बाद भोर में चार बजे ही आम भक्तों के लिए पट खोल दिए गए। इसी के साथ नागेश्वर महादेव के दरबार में लावा-दूध चढ़ाने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। पूजा के बाद रुद्राभिषेक किया गया। दर्शन और अभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी रही। इधर, कूप के पीछे मेला गुलजार रहा। तरह-तरह के खिलौने, गुब्बारे और नाग देवता के चित्रों की भी दुकानें सजी रहीं। इसके अलावा नागेश्वर महादेव के अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने दिन भर लावा-दूध का भोग अर्पित किया। 

काशी विश्वनाथ मंदिर में उमड़ी भीड़

नाग पंचमी के मौके पर बाबा विश्वनाथ के दरबार  में मंगला आरती के बाद से ही मानो आस्था का सावन उमड़ पड़ा । चारों ओर हर- हर महादेव का उद्घोष और सुबह से ही मठ मंदिरों में आस्थावानों की कतार लगनी शुरू हुई जो दिन चढ़ने तक जारी रही। भीड़ का आलम यह था कि सुबह नौ बजे तक 15 हजार से ज्यादा आस्थावान दर्शन पूजन कर चुके थे।  

काशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा सारनाथ में सारंगनाथ, बीएचयू विश्वनाथ, मार्कंडेय महादेव, त्रिलोचन महादेव, तिलभांडेश्वर महादेव सहित तमाम मंदिरों और शिवालयों में आस्था का सावन सुबह से ही उमड़ा। 

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