भ्रांति : थाने के गुंबदनुमा कमरे में बैठने वाले पर हो जाती है कार्रवाई, एसओ के लाइन हाजिर किए जाने की यही वजह बता रहे लोग
थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने उस गुंबदनुमा कमरे को गत 26 जुलाई को जेसीबी मशीन से तुड़वा दिया था। एक माह के भीतर उन पर भी कार्रवाई हो गई है। इसे लेकर फिर से चर्चा होने लगी है।
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यूपी के बलिया जिले से एक अजीबोगरीब मामला समाने आया है। जिले के हल्दी थानाध्यक्ष को एक जांच के संबंध में पुलिस अधीक्षक राजकरण नय्यर ने लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं लोग इस घटना को थाने में बने गुंबदनुमा कमरे से जोड़ रहे हैं।
दरअसल, वर्ष 1981 में तत्कालीन थानाध्यक्ष ने थाना परिसर में बैठने के लिए एक गुंबदनुमा हवादार कमरा बनवाया था। कमरे में बैठने के अगले ही दिन वह सस्पेंड हो गए थे। कुछ समय बाद कमरे में बैठने वाले दूसरे थानाध्यक्षों पर भी कार्रवाई हुई।
तब से पुलिस विभाग में एक भ्रांति फैल गई कि उस कमरे में बैठने वाला पुलिसकर्मी अगले ही दिन निलंबित हो जाता है। तब से कोई पुलिसकर्मी उसमें बैठने की हिम्मत नहीं जुटाता था। कमरा जर्जर हो गया था। थाने के मुख्य द्वार और कार्यालय के बीच यह कमरा होने के कारण पुलिसकर्मियों को काफी असुविधा होती थी।
थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने उस गुंबदनुमा कमरे को गत 26 जुलाई को जेसीबी मशीन से तुड़वा दिया था। एक माह के भीतर उन पर भी कार्रवाई हो गई है। इसे लेकर फिर से चर्चा होने लगी है। लोगों का मानना है कि कमरा तुड़वाने की वजह से थानाध्यक्ष पर कार्रवाई हो गई।