यूपी : अस्पताल की लापरवाही से हुई मेरी बहन की मौत, हत्या का आरोप लगाते हुए पीएम से लगाई न्याय की गुहार
पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र की छोटी बेटी ने दी तहरीर, छह दिन की सीसीटीवी फुटेज और अस्पताल का बिल और दवा की पर्ची मांगी
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पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्रा की बड़ी बेटी संगीता मिश्रा के निधन के बाद परिजनों ने मेडविन अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सोमवार को पंडित छन्नूलाल मिश्रा की छोटी बेटी डॉ. नम्रता मिश्रा ने मेडविन हॉस्पिटल पहुंचकर जमकर हंगामा किया।
सोमवार को डॉ. नम्रता मिश्रा मैदागिन स्थित अस्पताल में सीसीटीवी फुटेज की मांग को लेकर हंगामा किया। उन्होंने मेडविन अस्पताल के डॉ. मनमोहन श्याम पर अपनी बहन की हत्या का आरोप लगाते हुए छह दिनों की सीसीटीवी फुटेज की मांग की। हंगामा होता देखकर अस्पताल कर्मचारी और चिकित्सक मौके से खिसक लिए। हंगामे की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस उन्हें थाने ले आई, जहां डॉ. नम्रता मिश्रा ने एक तहरीर मेडविन अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ दी है और मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की है कि उनकी बहन को न्याय दिया जाए।
डॉ. नम्रता मिश्रा ने मांग की है कि अस्पताल प्रशासन सारे टेस्ट की रिपोर्ट और सारी दवाओं के पर्चे चाहिए, वरना हम कोर्ट जाएंगे। डॉ. मिश्रा ने बताया कि मेरी बड़ी बहन संगीता मिश्रा को उल्टी और बुखार की शिकायत थी। तीन चार दिन उनका बुखार नहीं उतरा तो हम उन्हें डॉ. रोहित गुप्ता के यहां लेकर गए, जहां उनके बेटे अत्रि गुप्ता ने उन्हें देखा और यहां पर रेफर कर दिया। इसके बाद हम यहां लेकर आए तो पहले तो यहां एडमिट नहीं किया गया, बाद में जिलाधिकारी के फोन करने पर हमारी बहन को एडमिट किया गया।
अस्पताल प्रशासन ने नहीं कराई बात
डॉ. मिश्रा ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से कहा गया था कि रोजाना आप अपने मरीज को 2 से 4 बजे तक सीसीटीवी फुटेज में देख सकते हैं। हम लोग डेढ़ लाख रुपये जमा करके अस्पताल से चले गए। उस समय मेरी मां की तबियत भी खराब थी और वो ओरियाना हॉस्पिटल में भर्ती थीं। हम लोग जब अगले दिन दीदी को देखने आए तो यहां बताया गया कि टीवी खराब है, जब टीवी बन जाएगा तो हम आप को बता देंगे।
प्रधानमंत्री से सिफारिश के बाद हुई बात
माता जी के निधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन संवेदना प्रकट करने के लिए आया था। पं. छन्नूलाल मिश्र ने प्रधानमंत्री से कहा कि मेरी बेटी भी भर्ती है, एक बार उसका चेहरा दिखवा दीजिए। पीएमओ के प्रयास से डीएम साहब जागे और 28 तारीख को रात 9 बजे कांफ्रेंस काल के जरिये बेटी को दिखाया गया। वीडियो काल में वह बेड पर बैठी हुई दिख रही थीं।
पहले बताया कि दीदी ठीक हैं बाद में मौत की दी सूचना
डॉ. नम्रता मिश्रा ने बताया कि डॉक्टर्स कह रहे थे कि बहुत जल्दी आप अपनी दीदी को लेकर घर जाएंगी। 28 की रात में बात करवाई और 29 की रात में फोन किया कि बहुत हालत बहुत गंभीर हो गई है। पीपीई किट का भी 1700 रुपये वसूला गया।