Varanasi News: गाजी मियां की दरगाह पर उमड़े अकीदतमंद, चादरपोशी कर मांगी जा रहीं मन्नतें; देखें- वीडियो
Varanasi News: गाजी मिया की अनूठी शादी हर साल टूट जाती है। हाजी एजाजुद्दीन हाशमी ने बताया कि शादी की रस्म चलती है, इसी दौरान आंधी-पानी आ जाता है। इसके चलते टूट जाती है। फिर अगले साल करने के लिए टाल दी जाती है।
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धर्म की नगरी काशी दुनिया में यूं ही गंगा-जमुनी तहजीब की लंबरदार नहीं है। यहां हर धर्म के स्थलों व आयोजनों में गंगा-जमुनी तहजीब का नजार दिखता है। उन्हीं में एक है हजरत सैयद सालाह मसूद गाजी रहमतुल्लाह अलैह गाजी मियां बाबा का दरगाह। जहां, पूर्वांचल भर से अकीदतमंद जियारत करने पहुंचते हैं और चादरपोशी कर फातिहा पढ़ते हैं। बाबा की अनूठी शादी होती है। शादी की जश्न में हिंदू-मुस्लिम सभी शामिल होते हैं। वो मन्नतें मांगते और मुराद पूरी होने पर उतारते हैं।
वाराणसी के बड़ी बाजार में एक हजार वर्ष से अधिक पुराना गाजी मियां का दरगाह है। बाबा की शादी के लिए सवा महीने की लगन रखी जाती है। इसके बाद यहां से बाबा के बहराइच स्थित प्रधान दरगाह के लिए पलंग पीढ़ी का जुलूस निकाला जाता है। इस जुलूस में सैकड़ों लोग छोटे-छोटे पलंग, पीढ़ा, बाबा की शादी के साजो-सामान लेकर जाते हैं।
दरगाह कमेटी के सेक्रेटरी हाजी एजाजुद्दीन हाशमी ने बताया कि बाबा की शादी की बारात में हर धर्म के लोग शामिल होते हैं। शादी की हर रस्म को निभाई जाती है। मजार पर हल्दी का लेपन और हल्दी लगे पंजों की छाप भी लगाई जाती है। शादी पर तीन दिनों तक दरगाह पर मेला लगता है। इसके बाद फिरकी (घुमंतू) मेला लगेगा, जो पांच दिनों तक शहर के विभिन्न इलाकों में अलग-अलग दिन लगता है।
औलाद व बीमारी से मुक्ति की मांगते हैं मुराद
गाजी मियां की शादी पर काफी लोग जियारत तो करते हैं, साथ ही मन्नत मांगने और उतारने वालों वालों की भी भीड़ होती है। बाबा की शादी के दिन आने वाले कागज पर लिखकर अर्जी लगाते हैं। फिर उनकी अर्जी बाबा सुन लेते हैं तो वह उनकी शादी में शामिल होकर मन्नते उतारते हैं। वह अर्जी में अपनी शादी, औलाद व लम्बी बीमारी से मुक्ति आदि मुराद मांगते हैं, जिनकी मुराद पूरी हो जाती है, वह यहां पर चादरपोशी, पकवान, मुर्गा आदि चढ़ाते हैं।