Varanasi: अपनी जमीन से कब्जा हटवाने गई नगर निगम टीम का इमामबाड़े के लोगों से विवाद, कागजात दिखाने को दिया मौका
Varanasi News: दुर्गाकुंड स्थित इमामबाड़ा की जमीन पर उस वक्त होहल्ला मच गया जब नगर निगम की टीम पहुंची। टीम ने यहां के लोगों से जमीन के कागजात मांगे। इस मामले में साक्ष्य आदि प्राप्त कर उसकी जांच करते हुए रिपोर्ट देने की बात कही गई है।
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अपनी जमीन से कब्जा हटवाने गई नगर निगम की टीम का दुर्गाकुंड पुलिस चौकी पीछे इमामबाड़े के लोगों से विवाद हुआ। सोमवार को नगर निगम ने इमामबाड़े से जुड़े लोगों को जमीन का कागजात दिखाने के लिए मौका दिया और वापस लौट आई।
इमामबाड़े के मुतवल्ली नवाब प्यारे हसन और नायब मुतवल्ली साजिद हुसैन ने बताया कि कई सौ साल पुराना इमामबाड़ा है। इसे नवाब बाराती बेगम उर्फ विलायती बेगम इमामबाड़ा कहा जाता है। तकरीबन साढ़े चार बिस्वा जमीन है। कुछ दिन पूर्व कुछ लोग आए और तार काटकर चले गए।
आज नगर निगम के लोग आए और तार काटकर हटवाने लगे तो हम लोगों ने पुलिस प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी दी गई। एहतियातन इमामबाड़े के आसपास पुलिस को लगाया गया है। निगम की टीम के जाने के बाद हम लोगों से कहा कि जोन कार्यालय पर कागज लेकर आइए। हम लोग गए तो कोई नहीं मिला। हम लोग वापस आ गए। इमामबाड़े की चहारदीवारी पर जो तार काटी गई थी, उसे पुन: तार से घेरा गया ताकि कोई अवांछनीय तत्व अंदर न जा सके।
नगर निगम की भूमि पर अवैध कब्ज़ा पाए जाने पर की गई कार्रवाई
नगर निगम वाराणसी को सूचना प्राप्त हुई कि दुर्गाकुंड क्षेत्र की आराजी संख्या 2342 है। मौके पर लगभग 240 वर्गमीटर जो कि नगर निगम की भूमि है। नगर निगम के अभिलेखों में दर्ज है। उस पर कुछ लोगों की ओर से अवैध कब्ज़ा किया गया है। सूचना मिलते ही नगर निगम की टीम ने मौके पर जांच की।
जांच में पाया गया कि संबंधित भूमि पर कुछ लोगों की ओर से कब्ज़ा कर इमामबाड़ा का निर्माण किया गया है। नगर निगम की ओर से जब मौके पर उक्त भूमि की बैरेकेटिंग का कार्य शुरू किया गया तो कुछ लोगों की ओर से विवाद उत्पन्न किया गया। अपनी भूमि होने का दावा किया गया।
एडीएम सिटी ने मांगी जांच रिपोर्ट
एडीएम सिटी आलोक वर्मा को अवगत कराया गया कि नगर निगम की ओर से मेरी भूमि के सम्बन्ध में कोई विवाद न किया जाय। एडीएम सिटी ने मौके पर उपस्थित नायब तहसीलदार को निर्देशित किया गया कि उक्त पक्ष से स्वामित्व के सम्बन्ध में साक्ष्य आदि प्राप्त कर उसकी जांच करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
अभिलेखों में दर्ज है नगर निगम की संपत्ति
नगर निगम के अधिकारियों की ओर से साक्ष्य के रूप में सम्बन्धित व्यक्ति से अभिलेख लेकर नगर निगम कार्यालय में आने के लिये दूसरे पक्ष को अवगत कराया गया। परन्तु देर शाम तक इस सम्बन्ध में कोई भी व्यक्ति अभिलेख के साथ नगर निगम में उपस्थित नहीं हुआ है। इस सम्बन्ध में नगर निगम प्रशासन का कहना है कि संज्ञान में आने पर उक्त भूमि की जांच की गई। जिसमें पाया गया कि वह भूमि आराजी संख्या-2342 नगर निगम की सम्पत्ति है तथा अभिलेखों में दर्ज है।