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वाराणसी: नगर निगम का दावा हवाहवाई, कई इलाकों में नहीं होती सफाई, बदबू से जीना मुहाल
Sun, 03 Oct 2021 11:55 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Sun, 03 Oct 2021 11:55 AM IST
सार
वाराणसी के 90 वार्डों में शत प्रतिशत सफाई अभी दूर की कौड़ी है। कई ऐसे मोहल्ले हैं जहां घरों से निकलने वाला कचरा कई दिनों तक बाहर ही पड़ा रहता है। सबसे गंभीर समस्या तो रविवार या अवकाश के दिन होती है।
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कचरा कई दिनों तक बाहर ही पड़ा रहता है
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शहर को कूड़ा मुक्त बनाने की वाराणसी नगर निगम की कवायद पूरी तरह से जमीन पर नहीं उतर सकी है। विभागीय दावा तो सौ फीसदी स्वच्छता का है, लेकिन कई ऐसे मोहल्ले हैं जहां सफाई कर्मी नियमित नहीं पहुंचते हैं। कूड़ा गलियों में बिखरा रहता है और लोगों का गंदगी, बदबू से जीना मुहाल हो जाता है। हालांकि प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद नगर निगम की ओर से शहर को कूड़ा मुक्त करने के लिए शासन के निर्देश पर योजना तैयार की जा रही है।
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शहर के 90 वार्डों में शत प्रतिशत सफाई अभी दूर की कौड़ी है। कई ऐसे मोहल्ले हैं जहां घरों से निकलने वाला कचरा कई दिनों तक बाहर ही पड़ा रहता है। सबसे गंभीर समस्या तो रविवार या अवकाश के दिन होती है। शहर के सभी 90 वार्डों में सफाई ठप रहती है।
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इस कारण अगले दिन कूड़े का दबाव दोगुना हो जाता है। सफाई कर्मियों को दोगुनी मेहनत और समय लगाना पड़ता है। नगर निगम के सदन से लेकर प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है, बावजूद रविवार और अवकाश के दिनों में सफाई का कोई इंतजाम नहीं हो सका है।
नगर निगम प्रशासन ने शुरू की तैयारी
बनारस की सड़कों और गलियों में चलना मुश्किल
- फोटो : अमर उजाला
शासन के निर्देश पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। कूड़ा प्रबंधन से लेकर उठाने और निस्तारण के लिए नए सिरे से कार्ययोजना को धरातल पर उतारा जाएगा। सूखा और गीला कूड़ा उठाने, निस्तारण, नागरिकों को जागरूक करने और बेहतर तरीके से काम होगा। ताकि शहर को कचरा मुक्त बनाया जा सके। अभी कूड़ा उठान से लेकर निस्तारण के लिए नगर निगम के अलावा एक एजेंसी को भी हायर किया गया है। जो नगरीय इलाके में कूड़ा उठा रही है।
अभी ये है सफाई की व्यवस्था एवं संसाधन :
अभी ये है सफाई की व्यवस्था एवं संसाधन :
- शहर से रोजाना निकलने वाला कूड़ा : 600 से 650 एमटी
- नगर के 90 वार्डों में कार्यरत सफाई कर्मी : 4200
- सफाई एजेंसी एक : वेस्ट सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड
- छोटे-बड़े वाहनों, कूड़ा ट्राली की संख्या : 200 से अधिक
- पांच जोन में बंटा है शहर : वरुणापार, दशाश्वमेध, भेलूपुर, आदमपुर और कोतवाली
- नगर निगम में शामिल 84 गांवों में वर्तमान में 600 सफाई कर्मी हैं तैनात
बारिश में कीचड़ और कचरे से बजबजाया शहर
मौसम में बदलाव और बारिश के बाद शहर की सड़कों और गलियों में चलना मुश्किल हो गया है। कीचड़ और कचरे के बीच लोग जैसे-तैसे आवागमन कर रहे हैं। दो दिन की बारिश में कूड़ा घरों के बाहर जमा कूड़े से बदबू आने लगी है। नगर निगम प्रशासन कूड़ा उठाने से लेेकर शहर की नियमित सफाई का दावा तो कर रहा है मगर उसके बाद भी जहां-तहां कचरा फैला हुआ है।
नगरीय सीमा से रोजाना तकरीबन 600 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। इसके निस्तारण और सफाई के लिए 4200 सफाई कर्मियों को लगाया गया है। इसके अलावा निगरानी के लिए जोनल अधिकारी से लेकर सफाई सुपरवाइजरों की ड्यूटी लगाई जाती है।
सोनिया, मलदहिया, इंग्लिशिया लाइन, शिवाला में बने कूड़ा घरों के बाहर कचरा फैलने और बारिश से गंदे पानी के रिसाव के चलते राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ी। निचले इलाकों में जगह-जगह जलभराव से भी नागरिकों को दिक्कत हुई। रानीपुर, बजरडीहा, सुंदरपुर, नेवादा, जलालीपुरा जैसे इलाकों में पानी लगने और कीचड़ से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने कहा कि शहर को कूड़ा-कचरा मुक्त बनाए जाने के लिए नए सिरे से कार्ययोजना तैयार की जा रही है। ताकि शहर के सभी कॉलोनियों और मुहल्लों में और बेहतर सफाई व्यवस्था के इंतजाम हो सकें।
नगरीय सीमा से रोजाना तकरीबन 600 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। इसके निस्तारण और सफाई के लिए 4200 सफाई कर्मियों को लगाया गया है। इसके अलावा निगरानी के लिए जोनल अधिकारी से लेकर सफाई सुपरवाइजरों की ड्यूटी लगाई जाती है।
सोनिया, मलदहिया, इंग्लिशिया लाइन, शिवाला में बने कूड़ा घरों के बाहर कचरा फैलने और बारिश से गंदे पानी के रिसाव के चलते राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ी। निचले इलाकों में जगह-जगह जलभराव से भी नागरिकों को दिक्कत हुई। रानीपुर, बजरडीहा, सुंदरपुर, नेवादा, जलालीपुरा जैसे इलाकों में पानी लगने और कीचड़ से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने कहा कि शहर को कूड़ा-कचरा मुक्त बनाए जाने के लिए नए सिरे से कार्ययोजना तैयार की जा रही है। ताकि शहर के सभी कॉलोनियों और मुहल्लों में और बेहतर सफाई व्यवस्था के इंतजाम हो सकें।