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वाराणसी: सितंबर में जारी होगा नगर निगम का बांड, जानिए आपकी कैसे हो सकती है कमाई
Fri, 25 Jun 2021 10:56 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Fri, 25 Jun 2021 10:56 AM IST
सार
दुनिया के सबसे प्राचीन शहर वाराणसी में अब रोजगार के साथ विकास कार्यों में तेजी आएगी। नगर निगम बांड जारी होने सेअंतरराष्ट्रीय निवेश बढ़ेगा। नगर निगम की मंशा है कि बांड के जरिए जो धन प्राप्त होगा। उनका इस्तेमाल नगर का बेहतर विकास किया जाएगा।
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वाराणसी नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगामी सितंबर माह में वाराणसी नगर निगम बांड जारी करेगा। बृहस्पतिवार को स्मार्ट सिटी के कार्यालय में कंसल्टेंट एके कैपिटल के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके पूर्व बांड जारी करने की पूर्व की तैयारियां मुकम्मल की जाएंगी। बांड जारी करने के लिए 25 प्रतिशत की धनराशि नगर निगम के पास होनी चाहिए, तभी 75 प्रतिशत की धनराशि बाजार से बांड के जरिए उठा सकेंगे।
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नगर निगम की मंशा है कि बांड के जरिए जो धन प्राप्त होगा। उनका इस्तेमाल नगर का बेहतर विकास किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता कर रहे नगर आयुक्त गौरांग राठी ने बताया कि सभी खातों की ऑडिट करा ली गई है। नगर निगम पर किसी प्रकार का कर्ज नहीं है।
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बनारस नगर निगम की क्रेडिट रेटिंग तीसरे पायदान पर है। इसी रैंकिंग के आधार पर बांड जारी करने का अधिकार नगर निगम को होगा। डीपीआर बनाने के बाद सदन से पास कराने के बाद नगर निगम सरकार के पास भेजेगा। इसके बाद बांड जारी किया जाएगा।
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नगर निगम के बांड के फायदे
नगर निगम के बांड में पैसा लगाने वाले को परिपक्वता अवधि पूरी होने पर सालाना ब्याज मिलेगा। देश-विदेश के लोग भी निवेश कर सकेंगे। शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद इसमें आम लोग एक्सचेंजों के जरिए निवेश कर सकते हैं। बांड पर मिल रहा रिटर्न पूरी तरह से आयकर मुक्त होता है। बांड से सस्ते दर पर कर्ज जुटाया जा सकता है। आय और खर्च के अंतर को कम करने के लिए बांड के जरिए पूंजी उधार लिया जाता है। मतलब एक समय बाद इस कर्ज को लौटाना पड़ता है। जानकारों के अनुसार कारपोरेट बांड के बजाय सरकारी बांड सुरक्षित माने जाते हैं।
सेबी की गाइडलाइन के अनुसार जारी होगा बांड
2015 में सेबी ने शहरी निकायों को बांड जारी के लिए दिशा निर्देश दिया है। निगम का नेटवर्थ लगातार तीन वित्त वर्ष तक निगेटिव नहीं रहा हो और बीते एक साल में किसी प्रकार का डिफाल्ट नहीं करने वाला निगम ही बांड जारी कर पाएगा।