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परिवहन घोटाले में करोड़ों के गबन का खुलासा, नगर आयुक्त ने जेई समेत पांच को निलंबित किया

Thu, 27 Feb 2020 01:21 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Thu, 27 Feb 2020 01:21 PM IST
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Municipal Commissioner take action on transport scam case suspended four clerks and one JE varanasi
नगर आयुक्त गौरांग राठी। - फोटो : अमर उजाला।

वाराणसी के नगर आयुक्त गौरांग राठी ने गुरुवार को परिवहन विभाग में हुए घोटाले का खुलासा करते हुए पांच को निलंबित कर दिया है। इनमें चार लिपिक और एक जेई शामिल है। परिवहन प्रभारी अधिशासी अभियंता अजय राम के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति की गई।

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नगर आयुक्त के अनुसार डंपर खरीदने में दो करोड़ 22 लाख राजस्व की हानि हुई है। प्रक्रियात्मक कमियों के चलते एक करोड़ 85 लाख रुपये की खरीद में बीस प्रतिशत राजस्व हानि हुई है।
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19 लाख की 158 फाइल नहीं मिल रही हैं। नगर निगम ने दस फर्म को ब्लैक लिस्ट किया है। इनमें से चार फर्मों के खिलाफ एफआईआर कराने को कहा गया है। 2018-19 की जांच में प्रक्रियात्मक कमियां पाई गईं। 2014 से लेकर अब तक की जांच के लिए प्रमुख सचिव नगर विकास को पत्र भेजा गया है। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की एक रिपोर्ट महापौर डीएम कमिश्नर और शासन को भेजी गई है।

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इस कार्रवाई से नगर निगम के लिपिकों, कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं नगर आयुक्त ने मुख्य सचिव को एक पत्र लिखकर साल 2018 से पहले के भी नोशन लॉस की जांच कराने के लिए शासन स्तर कमेटी से जांच की मांग की है। साथ ही जांच से जुड़ी फाइलों में से सिर्फ 315 फाइलों की ही जांच हो पाई है, जिनमें 158 फाइलें मिसिंग है। इस संबंध में दोनों संबधित लिपिकों को निलंबित कर दिया गया है।

इस मामले में बात करते हुए नगर आयुक्त गौरांग राठी ने बताया कि विगत दो महीनों से दो जांच समितियों द्वारा साल 2018-19 में परिवहन विभाग वाराणसी नगर निगम में अनियमितताएं विभिन्न माध्यमों से परिलक्षित हुई थीं, उसकी जांच हो रही थी। ये जांच मीडिया, शासन और लोकल सूत्रके माध्यम से की जा रही थी। जांच समिति की रिपोर्ट बुधवार फाइनल होकर मेरे पास आई। इसमें 2018-19 में क्रय और मरम्मत हुई कामों में अनियमितताएं पाई गईं।

नगर आयुक्त ने बताया कि उसमें लगभग 22 लाख 85 हजार का डायरेक्ट लॉस और हमारा 60 से 70 लाख का नोशन लॉस भी वाराणसी नगर निगम को हुआ है। नगर आयुक्त ने बताया कि इस प्रकरण में शामिल पांच संबधित लिपिक और दो पंप लिपिक, एक जूनियर फिटर, एक स्पेयर्स पार्ट्स कीपर और एक जेई परिवहन को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इसके अलावा एक्सईएन परिवहन के खिलाफ शासन को एक पत्र दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति के लिए लिखा गया है।

नगर आयुक्त ने इस मामले में सख्ती बरतते हुए दस कंपनियों को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। उन्होंने बताया कि दस कंपनियों को ब्लैक लिस्ट करते हुए चार कंपनियों के खिलाफ एफआईआर के लिए अपर नगर आयुक्त प्रथम को निर्देशि दिया गया है। इन चार कंपनियों का लेटर पैड, एड्रेस, मोबाइल नंबर यहां तक कि टर्न ओवर भी एक जैसा था। जांच के बाद ये तथ्य सामने आने पर इन कंपनियों पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया गया है।

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