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कोयले की राख की ईंट कई तरह से लाभकारी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 09 Jan 2017 11:55 PM IST
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सौ किमी दूरी तक अपने खर्चे से राख भेजवाएगा एनटीपीसी
- फोटो : अमर उजाला
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कोयले की राख की ईंट किफायती होगी, इससे प्रदूषण पर रोक लगेगा।
एनटीपीसी कोयले की राख बिल्डरों और ईंट भट्ठा संचालकों को नि:शुल्क मुहैया करा रहा है।
राख से उत्तम दर्जे की ईंट बनाई जा सकती है। ये बातें एनटीपीसी के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक आरएस राठी ने कही।
वह सोमवार को छावनी स्थित होटल रेडिसन में सेमिनार में बिल्डर्स और ईंट भट्ठा संचालकों को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम एनटीपीसी उत्तरी क्षेत्र मुख्यालय लखनऊ की ओर से आयोजित था।
राठी ने बताया कि एनटीपीसी का उद्देश्य भवन निर्माण में राख की ईंट के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता पैदा करना है।
यह सम्मेलन इस संबंध में न केवल जानकारी और समझ बढ़ाएगा बल्कि राख की ईंट के इस्तेमाल से प्रदूषण नियंत्रण होगा।
यह देश के सामाजिक विकास में भी प्रभावकारी होगा।
उन्होंने बताया कि 100 किलोमीटर दूरी तक एनटीपीसी अपने खर्चे से राख भेजवाएगा। सौ से तीन सौ किलोमीटर की दूरी तक ट्रांसपोर्ट का आधा खर्च देगा। इस अवसर पर राख की ईंट के इस्तेमाल से संबंधित एक फिल्म भी दिखाई गई।
सेमिनार में करीब 80 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
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एनटीपीसी कोयले की राख बिल्डरों और ईंट भट्ठा संचालकों को नि:शुल्क मुहैया करा रहा है।
राख से उत्तम दर्जे की ईंट बनाई जा सकती है। ये बातें एनटीपीसी के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक आरएस राठी ने कही।
वह सोमवार को छावनी स्थित होटल रेडिसन में सेमिनार में बिल्डर्स और ईंट भट्ठा संचालकों को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम एनटीपीसी उत्तरी क्षेत्र मुख्यालय लखनऊ की ओर से आयोजित था।
राठी ने बताया कि एनटीपीसी का उद्देश्य भवन निर्माण में राख की ईंट के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता पैदा करना है।
यह सम्मेलन इस संबंध में न केवल जानकारी और समझ बढ़ाएगा बल्कि राख की ईंट के इस्तेमाल से प्रदूषण नियंत्रण होगा।
यह देश के सामाजिक विकास में भी प्रभावकारी होगा।
उन्होंने बताया कि 100 किलोमीटर दूरी तक एनटीपीसी अपने खर्चे से राख भेजवाएगा। सौ से तीन सौ किलोमीटर की दूरी तक ट्रांसपोर्ट का आधा खर्च देगा। इस अवसर पर राख की ईंट के इस्तेमाल से संबंधित एक फिल्म भी दिखाई गई।
सेमिनार में करीब 80 से अधिक लोगों ने भाग लिया।