वाराणसी: मुख्तार गिरोह के फरार मेराज के भाई के बाद हिस्ट्रीशीटर भांजा गिरफ्तार
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इंटरस्टेट गैंग आईएस 233 (गैंग लीडर-मुन्ना बजरंगी) के सूचीबद्ध सदस्य और इंटरस्टेट गैंग आईएस-191 के सरगना मऊ विधायक मुख्तार अंसारी के सहयोगी मेराज अहमद उर्फ भाई मेराज व उससे जुड़े लोगों पर वाराणसी पुलिस तेजी से शिकंजा कस रही है। शनिवार को पुलिस ने मेराज के भाई और यूपी पुलिस के सिपाही सेराज अहमद को गिरफ्तार किया था।
वहीं, रविवार को मेराज का सहयोग करने और उसे शरण देने के आरोप में उसके भांजे नदेसर निवासी परवेज अहमद को कैंट थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया। गिरफ्तार परवेज कैंट थाने का हिस्ट्रीशीटर है।
उसके खिलाफ वाराणसी और जौनपुर के विभिन्न थानों पर दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। मेराज द्वारा फर्जी दस्तावेज के आधार पर विभिन्न थाना क्षेत्रों से कई शस्त्र लाइसेंस बनवाए गए थे। मेराज मूल रूप से गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर थाना अंतर्गत महेन का निवासी है और वाराणसी में पहड़िया क्षेत्र की अशोक विहार कॉलोनी में रहता है।
इस संबंध में जैतपुरा और कैंट थाना पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इस संबंध में एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि जिला पुलिस की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी वाराणसी ने मेराज से संबंधित नौ शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। मेराज की तलाश में पुलिस टीमों की दबिश जारी है।