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UP: 17 माह बाद गाजीपुर आया अब्बास अंसारी, फाटक पहुंचकर परिवार से मिला; दो दिन जिला जेल में रहेगा

Wed, 10 Apr 2024 08:41 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 10 Apr 2024 08:41 AM IST
सार

मऊ सदर से विधायक और मुख्तार का बड़ा बेटा अब्बास अंसारी 17 महीने बाद गाजीपुर आया है। वह दोपहर बाद जिला जेल से मोहम्मदाबाद स्थित घर पहुंचा। वह दो दिन जिला जेल में रहेगा।  

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Mukhtar Ansari Abbas Ansari will return home after 17 months will go to read Fatiha at grave of father Mukhtar
Abbas Ansari - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

17 महीने बाद मुख्तार अंसारी का बड़ा बेटा अब्बास अंसारी गाजीपुर पहुंचा। पहले उसे जिला जेल लाया गया। जहां महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोपहर में उसे मोहम्मदाबाद स्थित घर पर ले जाया गया। जहां अब्बास परिवार वालों से मिला। बच्चों को गोद में बैठाकर दुलारा। इस दौरान परिवार समेत पड़ोसियों से भी उसने मुलाकात की। 
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मुख्तार अंसारी की कब्र पर आज फातिहा पढ़ी जाएगी। इसमें मऊ सदर से विधायक और मुख्तार का बड़ा बेटा अब्बास अंसारी भी शामिल होने के लिए आ गया है। वह करीब 17 महीने बाद गाजीपुर आया है। वह नवंबर 2022 से ही जेल में है। फातिहा में शामिल होने की पैरोल मिलने पर मंगलवार की देर शाम 7:40 बजे अब्बास को कड़ी सुरक्षा में पचलाना जेल से गाजीपुर के लिए रवाना किया गया था। 
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फातिहा पढ़ने के बाद अब्बास को गाजीपुर जिला कारागार के उसी हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा जाएगा, जिसमें सांसद अफजाल अंसारी को रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब्बास अंसारी को कासगंज जेल से गाजीपुर लाया गया है। अब्बास आज मुहम्मदाबाद स्थित कालीबाग कब्रिस्तान जाकर अपने पिता की कब्र पर फातिहा पढ़ेगा, फिर जिला जेल लाया जाएगा।
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यहां से 13 अप्रैल को वापस कासगंज जेल के लिए भेजा जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, गाजीपुर जिला जेल में अब्बास अंसारी को बैरक नंबर दस में रखा जाएगा। यह वही बैरक है, जिसमें सांसद अफजाल अंसारी को रखा गया था। हालांकि अफजाल जमानत पर छूट चुके हैं। अब्बास अंसारी को हाई सिक्योरिटी में रखा जाएगा। 

सीसी कैमरे से निगरानी की जाएगी, जिसे लेकर जेल प्रशासन ने पहले से ही तैयारी कर ली है। चार नवंबर 2022 से अब्बास जेल में है। उसे फरवरी 2023 से चित्रकूट से कासगंज की पचलाना जेल भेजा गया। अब्बास पर गाजीपुर कोतवाली, मऊ, लखनऊ और चित्रकूट में आठ मुकदमे दर्ज हैं। 

अब्बास अंसारी के पिता मुख्तार अंसारी की मौत हार्टअटैक से हुई थी। हालांकि परिवार के लोग मौत को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। इधर, दो भाइयों में बड़ा अब्बास अंसारी तमाम कोशिश के बाद भी पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाया था। 

 

अब सुप्रीम कोर्ट ने उसे पिता की कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ने की इजाजत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब्बास अंसारी को पुलिस हिरासत में कासगंज जेल से गाजीपुर लाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। लिहाजा, अभी से सुरक्षा सख्त कर दी गई है। जेल में नियमों के अनुसार ही परिवार के लोगों को मिलने दिया जाएगा।

रात भर पिता की मौत से रहा अनजान, सुबह फूट-फूट कर रोया
विधायक बेटा अब्बास अंसारी अपने पिता की मौत से 28 मार्च की रात तक अंजान रहा। अगले दिन सुबह 8.30 बजे जेल प्रशासन ने जब खबर दी तो वह बिलख उठा। कुछ देर तक फूट-फूटकर रोया था। जेल प्रशासन ने कारागार में उसके स्वजन के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर उसकी बात कराईं थी। उसने करीब बीस मिनट तक बात की थी और इस दौरान वह रोया भी था।

रोजे रख रहा है अब्बास, गाजीपुर में ही मनाएगा ईद
पिता की मौत के बाद बीते मंगलवार को अब्बास अंसारी की पत्नी निखत और भाई उमर अंसारी कासगंज जेल जाकर अब्बास से मुलाकात की थी। उमर अंसारी ने मुलाकात के बाद बताया था कि अब्बास की जमानत की कोशिश की जा रही है। अब्बास अंसारी अल्लाह की इबादत में अपना वख्त गुजार रहा है। रोजे भी रख रहा है। प्रतिदिन कुरान पढ़ता है। वह पांच वख्त की नमाज पढ़ता है। अब गाजीपुर आ रहा है। इसी बीच 11 अप्रैल को ईद पड़ रही है। ऐसे में ईद यहीं मनाएगा।

अब्बास के पिता मुख्तार अंसारी की 28 मार्च को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। पिता की मौत पर अब्बास को जनाजे में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट में याचिका डाली गई, लेकिन अनुमति नहीं मिली। अब फातिहा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई और सुप्रीम कोर्ट ने 10, 11 और 12 अप्रैल के लिए पेरोल स्वीकृत की। 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जेल प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने अब्बास को गाजीपुर ले जाने के लिए सुरक्षा के प्रबंध सुनिश्चित किए। अब्बास बंदियों के वाहन में जेल से रवाना हुआ, उसके वाहन के आगे पीछे पुलिस की गाड़ियां लगाई गईं। इसमें उप निरीक्षक के अलावा हेड कांस्टेबल और आरक्षी मौजूद हैं।
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