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मास्टरशेफ आकांक्षा
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मिर्जापुर। जिले के रहने वाली और एयरहोस्टेस रह चुकीं अकांक्षा इस बार मास्टरशेफ इंडिया के छठे सीजन में सशक्त दावेदारी पेश कर रही हैं। वह
टॉप 13 में वह जगह बना चुकी हैं। इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के मात्र दो प्रतिभागी जगह बना सके। इसमें से एक अकांक्षा हैं। अमर उजाला से विशेष बातचीत में उनके माता-पिता ने बिटिया पर गर्व करने के साथ ही उसके हुनर को सराहा।
गऊघाट के रहने वाले उमेश कुमार खत्री (पवाधा) और रीता खत्री की पुत्री अकांक्षा ने सेंट मेरी से प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की। उसके बाद इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई लायंस स्कूल से की। उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। फर्स्ट ईयर में ही उनको एयर होस्टेस के लिए जेट एयरवेज से ऑफर आया। अकांक्षा ने कई एयरलाइंस में फ्लाइट अटेंडेंट के तौर पर सेवाएं दी। इसी दौरान कई देशों में भ्रमण का मौका मिला। उमेश कुमार ने बताया कि विभिन्न देशों में रहने के दौरान उसने खाना बनाने के साथ ही विशेषज्ञता हासिल कर ली। आज वेज और नॉनवेज से जुड़े नए-नए लजीज व्यंजन अकांक्षा चुटकियों में तैयार कर लेती हैं। इसी शौक के कारण उन्होंने अपनी जॉब तक छोड़ दी। लगन और मेहनत का ही नतीजा है कि वे मास्टरशेफ इंडिया में अपनी सशक्त छाप छोड़ने में सफल हुई हैं।
वह इससे पहले खान पान से जुड़े कई और प्रतियोगिताओं में न केवल हिस्सा लिया बल्कि उसकी विजेता भी रहीं। लजीज फेम फुडीज 2017 में शानदार प्रदर्शन किया। इसके साथ ही इंडिया डिजिटल शेफ की विजेता रहीं, जिसके जज संजीव कपूर रहे।
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टॉप 13 में वह जगह बना चुकी हैं। इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के मात्र दो प्रतिभागी जगह बना सके। इसमें से एक अकांक्षा हैं। अमर उजाला से विशेष बातचीत में उनके माता-पिता ने बिटिया पर गर्व करने के साथ ही उसके हुनर को सराहा।
गऊघाट के रहने वाले उमेश कुमार खत्री (पवाधा) और रीता खत्री की पुत्री अकांक्षा ने सेंट मेरी से प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की। उसके बाद इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई लायंस स्कूल से की। उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। फर्स्ट ईयर में ही उनको एयर होस्टेस के लिए जेट एयरवेज से ऑफर आया। अकांक्षा ने कई एयरलाइंस में फ्लाइट अटेंडेंट के तौर पर सेवाएं दी। इसी दौरान कई देशों में भ्रमण का मौका मिला। उमेश कुमार ने बताया कि विभिन्न देशों में रहने के दौरान उसने खाना बनाने के साथ ही विशेषज्ञता हासिल कर ली। आज वेज और नॉनवेज से जुड़े नए-नए लजीज व्यंजन अकांक्षा चुटकियों में तैयार कर लेती हैं। इसी शौक के कारण उन्होंने अपनी जॉब तक छोड़ दी। लगन और मेहनत का ही नतीजा है कि वे मास्टरशेफ इंडिया में अपनी सशक्त छाप छोड़ने में सफल हुई हैं।
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वह इससे पहले खान पान से जुड़े कई और प्रतियोगिताओं में न केवल हिस्सा लिया बल्कि उसकी विजेता भी रहीं। लजीज फेम फुडीज 2017 में शानदार प्रदर्शन किया। इसके साथ ही इंडिया डिजिटल शेफ की विजेता रहीं, जिसके जज संजीव कपूर रहे।
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