{"_id":"5d9c9c758ebc3e01622a2dc3","slug":"mother-and-son-murder-in-mau-of-uttar-pradesh","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मऊ में दशहरा मनाने घर आए मां और बेटे की गोली मारकर हत्या, दिव्यांग सास के चिल्लाने पर भागे बदमाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मऊ में दशहरा मनाने घर आए मां और बेटे की गोली मारकर हत्या, दिव्यांग सास के चिल्लाने पर भागे बदमाश
Tue, 08 Oct 2019 07:55 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 08 Oct 2019 07:55 PM IST
विज्ञापन
मां-बेटे की हत्या के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के मादी सिपाह गांव में मंगलवार की सुबह दशहरा मनाने आए मां और बेटे कि बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दिया। सुबह-सुबह गांव में हुई इस घटना से लोग अवाक रहे।
सूचना मिलने पर एसपी अनुराग आर्य सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस मामले की जांच के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाई थी। हालांकि बदमाशों के आने और गोली मारकर मां-बेटे को मौत के घाट उतारने के कारण की जानकारी नहीं हो सकी थी।
बताते चलें दोहरीघाट थाना क्षेत्र के मादी सिपाह गांव निवासी चंद्रशेखर उर्फ बब्बू राय की पत्नी रेखा राय 44 बलरामपुर जिले में प्राइमरी विधालय में अध्यापिका थी, बच्चों को पढ़ाने और नौकरी करने के लिए रेखा अपने पति चंद्रशेखर उर्फ बब्बू, पुत्र हर्षित और अंश के साथ लखनऊ में रहती थी।
विज्ञापन
विजयदशमी पर्व पर हुए अवकाश में रेखा पति और बच्चे के साथ सोमवार को अपने गांव आई थी। रेखा का मायका गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाना क्षेत्र के नौबरतिहा गांव में था। लखनऊ से आने के दौरान रेखा ने अपने छोटे बेटे अंश को मायके में छोड़ दिया। जबकि बड़े बेटे और पति के साथ घर आ गई।
विज्ञापन
सूचना मिलने पर एसपी अनुराग आर्य सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस मामले की जांच के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाई थी। हालांकि बदमाशों के आने और गोली मारकर मां-बेटे को मौत के घाट उतारने के कारण की जानकारी नहीं हो सकी थी।
विज्ञापन
बताते चलें दोहरीघाट थाना क्षेत्र के मादी सिपाह गांव निवासी चंद्रशेखर उर्फ बब्बू राय की पत्नी रेखा राय 44 बलरामपुर जिले में प्राइमरी विधालय में अध्यापिका थी, बच्चों को पढ़ाने और नौकरी करने के लिए रेखा अपने पति चंद्रशेखर उर्फ बब्बू, पुत्र हर्षित और अंश के साथ लखनऊ में रहती थी।
विज्ञापन
विजयदशमी पर्व पर हुए अवकाश में रेखा पति और बच्चे के साथ सोमवार को अपने गांव आई थी। रेखा का मायका गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाना क्षेत्र के नौबरतिहा गांव में था। लखनऊ से आने के दौरान रेखा ने अपने छोटे बेटे अंश को मायके में छोड़ दिया। जबकि बड़े बेटे और पति के साथ घर आ गई।
मंगलवार की सुबह रेखा के पति बड़गांव गांव रहने वाले अपने एक मित्र से मिलने के लिए चले गए। जबकि ससुर कर्म शंकर राय ईंट भट्टे के बकाया का तकादा करने के लिए घर से निकले।
इस दौरान घर पर रेखा अपनी सास कमलावती और पुत्र हर्षित 16 के साथ मौजूद थी। इस बीच आए बदमाशों ने मकान की दूसरी छत पर पहुंचकर वहां मौजूद रेखा और उसके पुत्र हर्षित को गोली मार मौत के घाट उतार दिए।
फायर की आवाज सुनने के बाद सास कमलावती ने दो लोगों को भागते देखा इस पर उन्होंने अनहोनी की आशंका जताते हुए शोर मचाया। इस दौरान कोई मौके पर नहीं पहुंचा तो भी विकलांग कमलावती ने किसी तरह से फोन मिलाकर घटना की सूचना पुत्र और पति को दी।
मौके पर पहुंचे शेखर और बब्बू ने पत्नी और बेटे को लहूलुहान देखकर दहाड़े मार कर रोने लगे। इस बीच स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। किसी ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
इस दौरान घर पर रेखा अपनी सास कमलावती और पुत्र हर्षित 16 के साथ मौजूद थी। इस बीच आए बदमाशों ने मकान की दूसरी छत पर पहुंचकर वहां मौजूद रेखा और उसके पुत्र हर्षित को गोली मार मौत के घाट उतार दिए।
फायर की आवाज सुनने के बाद सास कमलावती ने दो लोगों को भागते देखा इस पर उन्होंने अनहोनी की आशंका जताते हुए शोर मचाया। इस दौरान कोई मौके पर नहीं पहुंचा तो भी विकलांग कमलावती ने किसी तरह से फोन मिलाकर घटना की सूचना पुत्र और पति को दी।
मौके पर पहुंचे शेखर और बब्बू ने पत्नी और बेटे को लहूलुहान देखकर दहाड़े मार कर रोने लगे। इस बीच स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। किसी ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
मां बेटे की हत्या की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष दोहरीघाट के साथ अपर पुलिस अधीक्षक एसके श्रीवास्तव सीईओ घोसी अभिनव कनौजिया सहित अन्य अधिकारी मौके पहुंचे। इस दौरान फॉरेंसिक टीम बुलाकर पुलिस मामले की जांच करा रही थी।
समाचार लिखे जाने तक घटना के कारण और वास्तविकता की जानकारी नहीं हो सकी थी। आसपास के लोग मौके पर पहुंचकर मृतक की सास कमलावती, ससुर कर्म शंकर और पति चंद्रशेखर उर्फ बब्बू को सांत्वना दे रहे थे।
समाचार लिखे जाने तक घटना के कारण और वास्तविकता की जानकारी नहीं हो सकी थी। आसपास के लोग मौके पर पहुंचकर मृतक की सास कमलावती, ससुर कर्म शंकर और पति चंद्रशेखर उर्फ बब्बू को सांत्वना दे रहे थे।