फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Moss frozen on Astroturf, cracks have occurred, yet promising forced to show spirit

Varanasi News: एस्ट्रोटर्फ पर जमी काई, पड़ चुकी है दरार, फिर भी जज्बा दिखाने को मजबूर होनहार

Mon, 28 Aug 2023 11:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 28 Aug 2023 11:57 PM IST
विज्ञापन
Moss frozen on Astroturf, cracks have occurred, yet promising forced to show spirit
विज्ञापन

हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर पूरे देश में खेल सप्ताह मनाया जा रहा है। वहीं, लालपुर स्टेडियम में भविष्य के हॉकी खिलाड़ी खराब हो चुके एस्ट्रोटर्फ पर अभ्यास करने को मजबूर हैं। खास बात यह है कि खेल विभाग इसी मैदान में खेल दिवस पर अंडर-14 वर्ग में बालकों की प्रतियोगिता कराने जा रहा है। हालांकि, मैदान की मरम्मत के बजट जारी हो चुका है, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। मैच के दौरान जर्जर एस्ट्रोटर्फ पर बालकों के चोटिल होने का खतरा मंडरा रहा है।
पहली बार 1993 में 1.50 करोड़ की लागत से एस्ट्रोटर्फ सहित अन्य निर्माण कार्य कराए गए थे। 2013 में 4.21 करोड़ में एस्ट्रोटर्फ की मरम्मत की गई। इसकी मियाद सात साल की है। जो कि 2020 में पूरी हो चुकी है। अब एस्ट्रोटर्फ की हालत यह है कि इस पर अभ्यास और प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए घातक हो सकती है। हालांकि, मजबूरन खिलाड़ियों को इस पर अभी भी अभ्यास करना पड़ रहा है। 2022 ओलंपिक में कांस्य जीतने वाली टीम के सदस्य और काशी के लाल ललित उपाध्याय व राहुल सिंह भी इस मैदान पर अभ्यास करते हैं।
विज्ञापन

खेल विभाग की तरफ से तीन बार ओलंपियन मोहम्मद शाहिद की स्मृति में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता हो चुकी है। इसके अलावा हर साल तीन से चार जिला स्तरीय और दो राज्य स्तर की प्रतियोगिताएं होती हैं। कुल मिलाकर एक साल में सात से आठ प्रतियोगिताएं होती हैं। फिर भी एस्ट्रोटर्फ भी खेल दिवस पर खिलाड़ियों की फिक्र न करते हुए प्रतियोगिता कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खराब एस्ट्रोटर्फ पर प्रतियोगिता आज
अंडर-14 बालक वर्ग की प्रतियोगिता में जिले की 12 टीमें हिस्सा लेंगी। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कई जगह एस्ट्रोटर्फ फट गया है। खुला मैदान होने की वजह से एस्ट्रोटर्फ पर धूल और कई जगहों पर काई जम गई है। इस पर फिसलने की संभावना अधिक रहती है।
ठेकेदार बना रहा बारिश का बहाना
एस्ट्रोटर्फ की मरम्मत के लिए पिछले माह करीब दो करोड़ रुपये जारी किए गए थे, लेकिन ठेकेदार ने बारिश का बहाना बनाकर अभी तक काम नहीं शुरू किया। पुराने हरे रंग के एस्ट्रोटर्फ को तोड़कर नीले रंग के एस्ट्रोटर्फ के निर्माण की तैयारी है। जो कि जिले का पहला नीले रंग का एस्ट्रोटर्फ होगा।


वर्जन
निदेशालय ने बजट जारी कर यूपीसीडको निर्माण की जिम्मेदारी दी है। निर्माण के लिए ठेका भी दिया जा चुका है, लेकिन ठेकेदार ने बारिश के कारण काम नहीं शुरू किया है। एक सितंबर से काम शुरू होने की उम्मीद है। - आरपी सिंह, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed