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सावन के चौथे सोमवार पर हर-हर, बम-बम रही काशी पुराधिपति की नगरी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:19 PM IST
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देर शाम तक एक लाख 61 हजार शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक
- फोटो : अमर उजाला
सावन के चौथे सोमवार पर काशी पुराधिपति की नगरी हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गुंजायमान होती रही। बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों का रेला रविवार की रात से उमड़ना शुरू हो गया था।
छत्ताद्वार से लगने वाली शिवभक्तों की लाइन देर रात तक अटूट रही। कांवरिया शिविरों में भी तिल रखने की जगह नहीं बची थी। देर रात तक एक लाख 80 हजार शिवभक्तों ने बाबा का जलाभिषेक किया।
सावन के चौथे सोमवार पर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने के लिए रात से ही शिवभक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह 10 बजे तक 84 हजार पांच सौ श्रद्धालुओं ने दर्शन किया। दर्शनार्थियों की लाइन दशाश्वमेध घाट से सिंहद्वार तक लगी रही।
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गिरजाघर से लगने वाली डबल बैरिकेडिंग पर दबाव कम रहा। दोपहर 12 बजे तक विश्वनाथ मंदिर में दर्शनार्थियों का आंकड़ा एक लाख 22 हजार तक पहुंच गया। हालांकि तेज धूप के कारण श्रद्धालुओं को परेशान होना पड़ा। कतार में लगे कांवरियों की सेवा करने में लोग जुटे रहे।
वहीं दूसरी तरफ शहर के प्रमुख मंदिरों में भी सुबह से भक्तों की कतार लगी रही। मंगलाआरती के बाद बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, शूलटंकेश्वर महादेव, गौरी केदारेश्वर महादेव, तिलभांडेश्वर, बैजनत्था महादेव, जागेश्वर महादेव, महामृत्यंजय महादेव, ऋणमुक्तेश्वर महादेव समेत शहर के सभी शिवालय सुबह से देर शाम तक दर्शनार्थियों से पटे रहे।
काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला में सर्व प्रथम सुबह 8 बजे मण्डप पूजन के बाद महारुद्र 25 ब्राह्मणों द्वारा न्यास अध्यक्ष के आचार्यत्व में आरंभ हुआ। सोमवार को तीन दिन पूर्ण होने पर आहुति दी गई। इस दौरान कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण मौजूद रहे। इसके साथ ही मंदिर की तरफ से 25 वैदिक ब्राह्मणों को 5100 रूपये प्रति व्यक्ति का चेक दिया गया।
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छत्ताद्वार से लगने वाली शिवभक्तों की लाइन देर रात तक अटूट रही। कांवरिया शिविरों में भी तिल रखने की जगह नहीं बची थी। देर रात तक एक लाख 80 हजार शिवभक्तों ने बाबा का जलाभिषेक किया।
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सावन के चौथे सोमवार पर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने के लिए रात से ही शिवभक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह 10 बजे तक 84 हजार पांच सौ श्रद्धालुओं ने दर्शन किया। दर्शनार्थियों की लाइन दशाश्वमेध घाट से सिंहद्वार तक लगी रही।
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गिरजाघर से लगने वाली डबल बैरिकेडिंग पर दबाव कम रहा। दोपहर 12 बजे तक विश्वनाथ मंदिर में दर्शनार्थियों का आंकड़ा एक लाख 22 हजार तक पहुंच गया। हालांकि तेज धूप के कारण श्रद्धालुओं को परेशान होना पड़ा। कतार में लगे कांवरियों की सेवा करने में लोग जुटे रहे।
वहीं दूसरी तरफ शहर के प्रमुख मंदिरों में भी सुबह से भक्तों की कतार लगी रही। मंगलाआरती के बाद बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, शूलटंकेश्वर महादेव, गौरी केदारेश्वर महादेव, तिलभांडेश्वर, बैजनत्था महादेव, जागेश्वर महादेव, महामृत्यंजय महादेव, ऋणमुक्तेश्वर महादेव समेत शहर के सभी शिवालय सुबह से देर शाम तक दर्शनार्थियों से पटे रहे।
काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला में सर्व प्रथम सुबह 8 बजे मण्डप पूजन के बाद महारुद्र 25 ब्राह्मणों द्वारा न्यास अध्यक्ष के आचार्यत्व में आरंभ हुआ। सोमवार को तीन दिन पूर्ण होने पर आहुति दी गई। इस दौरान कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण मौजूद रहे। इसके साथ ही मंदिर की तरफ से 25 वैदिक ब्राह्मणों को 5100 रूपये प्रति व्यक्ति का चेक दिया गया।
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मार्कंडेय महादेव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
मार्कंडेय महादेव मंदिर में 1.25 लाख श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
- फोटो : अमर उजाला
कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर में सावन के चौथे सोमवार पर बाबा के जलाभिषेक के लिए भक्तों की अटूट कतार लगी रही। सुबह से देर शाम तक समूचा परिसर हर-हर महादेव और बोलबम के जयकारों से गूंजता रहा। देर शाम तक सवा लाख भक्तों ने बाबा के दर पर मत्था टेका।
आधी रात के बाद से ही दूरदराज से आए कांवरियों और शिवभक्तों ने मंगला आरती के बाद मंदिर के पट खुलने पर महादेव का जलाभिषेक शुरू किया। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, भक्तों की भीड़ बढ़ती गई। देर शाम तक पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से आस्थावान पहुंचते रहे।
मंदिर में जगह-जगह धार्मिक अनुष्ठान भी चलते रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस भी मुस्तैद रही। इलाके के महाकालेश्वर, छित्तमपुर सिध्देश्वर, ढकवां गौरीशंकर महादेव समेत अन्य मंदिरों में भी दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय दिन में करीब 11 बजे मार्कंडेय महादेव मंदिर पहुंचे और बाबा का जलाभिषेक किया। दर्शन-पूजन के बाद डॉ. पांडेय यहां पर्यटन विभाग की ओर से छह करोड़ 68 लाख रुपए की लागत से चल रहे घाट निर्माण और मंदिर के सौंदर्यीकरण के कार्य का निरीक्षण किया।
मंदिर परिसर में गोस्वामी समाज और स्थानीय लोगों ने आवागमन की समस्या का मसला मंत्री के सामने रखा। इस पर उन्होंने कहा कि वाराणसी-गाजीपुर राजमार्ग से कैथी और राजवारी के मध्य से सड़क निर्माण की योजना है। दोनों गांवों के लोग सहमत हो जाएं तो सांसद निधि से यह सड़क बनवाई जाएगी। कहा कि गंगा-गोमती संगम पर बनाए जा रहे घाटों का विस्तार किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।
आधी रात के बाद से ही दूरदराज से आए कांवरियों और शिवभक्तों ने मंगला आरती के बाद मंदिर के पट खुलने पर महादेव का जलाभिषेक शुरू किया। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, भक्तों की भीड़ बढ़ती गई। देर शाम तक पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से आस्थावान पहुंचते रहे।
मंदिर में जगह-जगह धार्मिक अनुष्ठान भी चलते रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस भी मुस्तैद रही। इलाके के महाकालेश्वर, छित्तमपुर सिध्देश्वर, ढकवां गौरीशंकर महादेव समेत अन्य मंदिरों में भी दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय दिन में करीब 11 बजे मार्कंडेय महादेव मंदिर पहुंचे और बाबा का जलाभिषेक किया। दर्शन-पूजन के बाद डॉ. पांडेय यहां पर्यटन विभाग की ओर से छह करोड़ 68 लाख रुपए की लागत से चल रहे घाट निर्माण और मंदिर के सौंदर्यीकरण के कार्य का निरीक्षण किया।
मंदिर परिसर में गोस्वामी समाज और स्थानीय लोगों ने आवागमन की समस्या का मसला मंत्री के सामने रखा। इस पर उन्होंने कहा कि वाराणसी-गाजीपुर राजमार्ग से कैथी और राजवारी के मध्य से सड़क निर्माण की योजना है। दोनों गांवों के लोग सहमत हो जाएं तो सांसद निधि से यह सड़क बनवाई जाएगी। कहा कि गंगा-गोमती संगम पर बनाए जा रहे घाटों का विस्तार किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।