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Varanasi News: कक्षा 5 के मोहित आईएएस, मृत्युंजय आईपीएस और तुलसी डॉक्टर बनीं
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प्राथमिक विद्यालय पतेरवा, चिरईगांव के कक्षा पांच के विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से अपने भविष्य के सपनों को तस्वीरों में साकार किया। शनिवार को बच्चों ने एआई तकनीक का प्रयोग सीखने के साथ यह भी समझा कि तकनीक का इस्तेमाल केवल मनोरंजन के लिए ही नहीं, बल्कि सीखने, कल्पना को अभिव्यक्त करने के लिए भी किया जा सकता है। कक्षा 5 के मोहित कुमार गोंड आईएएस, मृत्युंजय राव आईपीएस और तुलसी कुमारी ने डॉक्टर बन कर तस्वीर साझा की।
विद्यालय में हुए इस प्रयोग के दौरान बच्चों ने अपने मन में बसे भविष्य के सपनों और पसंदीदा पेशों को एआई की मदद से तस्वीरों का रूप दिया। किसी ने डॉक्टर बनने की कल्पना की तो किसी ने शिक्षक, पायलट और अन्य पेशों से जुड़ी अपनी आकांक्षाओं को तस्वीरों में उतारा। कक्षा पांच के मोहित कुमार गोंड, मृत्युंजय राव और तुलसी कुमारी समेत अन्य बच्चों ने इसमें उत्साह से भाग लिया।
बीएसए भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बच्चों के लिए एआई आधारित यह गतिविधि महज तस्वीर बनाने तक सीमित नहीं रही। इसके जरिये उन्हें यह समझाने का प्रयास किया गया कि नई तकनीक उनकी कल्पना और सीखने की प्रक्रिया की साथी बन सकती है। कम उम्र में तकनीक से परिचय होने से बच्चों में डिजिटल समझ विकसित करने और भविष्य की बदलती जरूरतों के लिए तैयार करने की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।
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विद्यालय में हुए इस प्रयोग के दौरान बच्चों ने अपने मन में बसे भविष्य के सपनों और पसंदीदा पेशों को एआई की मदद से तस्वीरों का रूप दिया। किसी ने डॉक्टर बनने की कल्पना की तो किसी ने शिक्षक, पायलट और अन्य पेशों से जुड़ी अपनी आकांक्षाओं को तस्वीरों में उतारा। कक्षा पांच के मोहित कुमार गोंड, मृत्युंजय राव और तुलसी कुमारी समेत अन्य बच्चों ने इसमें उत्साह से भाग लिया।
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बीएसए भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बच्चों के लिए एआई आधारित यह गतिविधि महज तस्वीर बनाने तक सीमित नहीं रही। इसके जरिये उन्हें यह समझाने का प्रयास किया गया कि नई तकनीक उनकी कल्पना और सीखने की प्रक्रिया की साथी बन सकती है। कम उम्र में तकनीक से परिचय होने से बच्चों में डिजिटल समझ विकसित करने और भविष्य की बदलती जरूरतों के लिए तैयार करने की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।
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