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Varanasi: वैष्णो देवी में लागू होगा काशी विश्वनाथ धाम का मॉडल, भीड़ प्रबंधन और फूड कोर्ट की भी मिलेगी सुविधा

Fri, 19 May 2023 08:18 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Fri, 19 May 2023 08:18 AM IST
सार

हिमालय शृंखला में शामिल त्रिकुटा पर्वत पर विराजमान मां आदिशक्ति वैष्णो देवी के मंदिर में श्री काशी विश्वनाथ धाम के मॉडल को लागू करने की योजना पर कार्य शुरू हो चुका है। 

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Model of Kashi Vishwanath Dham will be implemented in Vaishno Devi, facility of crowd management and food cour
वैष्णो देवी में लागू होगा काशी विश्वनाथ धाम का मॉडल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

काशी विश्वनाथ धाम का माॅडल वैष्णो देवी में भी लागू हो सकता है। भीड़ प्रबंधन, अन्नक्षेत्र, मोक्ष भवन के साथ ही फूड कोर्ट की सुविधा माता के दर पर आने वाले श्रद्धालुओं को मिल सकती है। श्री वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का चार सदस्यीय दल श्री काशी विश्वनाथ धाम की व्यवस्थाओं को परखकर अपनी रिपोर्ट जल्द ही तैयार करेगा।

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हिमालय शृंखला में शामिल त्रिकुटा पर्वत पर विराजमान मां आदिशक्ति वैष्णो देवी के मंदिर में श्री काशी विश्वनाथ धाम के मॉडल को लागू करने की योजना पर कार्य शुरू हो चुका है। श्राइन बोर्ड के सदस्यों ने बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के दर्शन का प्रबंध (भीड़ नियंत्रण), बाबा का भोग प्रसाद, अन्न क्षेत्र (निशुल्क भोजन), साफ सफाई, मानव संसाधन प्रबंध, रेवेन्यू जनरेशन समेत अन्य व्यवस्थाओं पर अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है।

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Model of Kashi Vishwanath Dham will be implemented in Vaishno Devi, facility of crowd management and food cour
Maa Vaishno Devi - फोटो : सोशल मीडिया

वाराणसी पहुंचे श्राइन बोर्ड के सदस्यों ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम की हर व्यवस्था अद्भुत और प्रशंसनीय है। भीड़ प्रबंधन की बात हो चाहे श्रद्धालुओं की सुविधा की। मोक्ष धाम, फूड कोर्ट, ऑडिटोरियम और दुकानों के इंतजाम बेहतरीन हैं। हर मामले में धाम का मॉडल मंदिरों में लागू किया जा सकता है। हालांकि माता वैष्णो देवी की भौगोलिक स्थितियां अलग हैं। माता के दर पर आने वाले श्रद्धालु 13 किलोमीटर का सफर तय कर मां के दरबार में पहुंचते हैं। एनजीटी के दिशा निर्देशों के अनुसार एक बार में 40 हजार श्रद्धालु ही मंदिर जाने वाले मार्ग पर रह सकते हैं।
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सदस्यों ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम की व्यवस्थाओं पर वह अपनी रिपोर्ट श्राइन बोर्ड को सौंपेंगे और इसके आधार पर ही भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। यहां बता दें कि लोकार्पण के बाद नव्य, भव्य और दिव्य श्री काशी विश्वनाथ का धाम देश भर के मंदिरों के लिए उदाहरण बना है। ना केवल भीड़ प्रबंधन बल्कि दर्शनार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं में भी विश्वनाथ धाम अव्वल है। धाम की तर्ज पर ही विंध्याचल में कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। वहीं उज्जैन समेत दक्षिण भारत के कई मंदिरों में भीड़ प्रबंधन के लिए श्री काशी विश्वनाथ धाम का मॉडल अपनाया जा रहा है।

अब वैष्णो देवी के श्रद्धालु देखेंगे काशी की गंगा आरती

वाराणसी। माता वैष्णो देवी के धाम में आने वाले श्रद्धालु भी अब काशी की गंगा आरती देख सकेंगे। बाणगंगा पर गंगा घाट की तर्ज पर जल्द ही आरती की शुरुआत हो सकती है। माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सदस्यों को मां गंगा की आरती ने इतना भाव विभोर कर दिया है कि उन्होंने मां गंगा की आरती को भी अपनी रिपोर्ट में शामिल किया है। सदस्यों का कहना है कि बाणगंगा पर गंगा आरती की तर्ज पर आरती की शुरुआत हो सकती है।

Model of Kashi Vishwanath Dham will be implemented in Vaishno Devi, facility of crowd management and food cour
IRCTC Tour Package for Vaishno Devi From Delhi - फोटो : Istock

बदल गया है आज का बनारस

बनारस भ्रमण पर पहुंचे माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सदस्यों ने कहा कि बनारस बहुत बदल गया है। हमने पहले का भी बनारस देखा था और आज का बनारस भी देख रहे हैं। बनारस ने विकास के जो आयाम गढ़े हैं वह देश भर में विकास का नया मॉडल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना के अनुसार ही बनारस विकसित हो रहा है।

अध्ययन करने पहुंचा है दल

श्री काशी विश्वनाथ न्यास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सदस्य श्री काशी विश्वनाथ धाम की व्यवस्था को देखने और अध्ययन करने के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने भीड़ नियंत्रण, बाबा का भोग प्रसाद, अन्न क्षेत्र, साफ-सफाई, मानव संसाधन प्रबंधन, रेवेन्यू जनरेशन समेत अन्य व्यवस्थाओं को भी देखा और सराहना की। इसके साथ ही श्री काशी विश्वनाथ धाम में त्योहारों के दौरान होने वाले आयोजनों के बारे में भी जानकारी ली। इसके पहले महाकाल, महाराष्ट्र के विठ्ठल नाथ, मथुरा व वृंदावन मंदिर के लोग भी यहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन करने के लिए आ चुके हैं।
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एक साल में सात करोड़ से अधिक पहुंचे श्रद्धालु

दिसंबर 2021 में श्री काशी विश्वनाथ धाम के उद्घाटन के बाद एक साल में ही लगभग 7.35 करोड़ श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई है। इस दौरान बाबा को 100 करोड़ से अधिक का चढ़ावा चढ़ा है। नए साल के पहले दिन ही करीब सात लाख व सावन के महीने में सवा करोड़ भक्तों ने बाबा के दर्शन किए थे।

 

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काशी विश्वनाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला

माता के प्रसाद की तरह मिलेगा बाबा का आशीर्वाद

वैष्णों देवी दरबार में दर्शन पूजन के बाद लौटते समय माता के प्रतीक के रूप में सिक्का और प्रसाद का वितरण निशुल्क किया जाता है। काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने इसकी पूरी जानकारी श्राइन बोर्ड के सदस्यों से ली है। बाबा दरबार में भी महादेव के आशीर्वाद के रूप में कुछ सामग्री वितरण करने की योजना बनाई जा रही है।

श्राइन बोर्ड के सामने होंगी चुनौतियां

- वैष्णो देवी और काशी विश्वनाथ धाम की भौगोलिक स्थितियां अलग-अलग हैं

- माता वैष्णो दरबार से बाण गंगा तक 13 किलोमीटर का पैदल मार्ग

- एक बार में 40 हजार से ज्यादा श्रद्धालु नहीं जा सकते हैं मंदिर के ट्रैक पर

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