योगी मंत्रिमंडल में शामिल होने की चाह: विधायक लगा रहे लखनऊ और दिल्ली का चक्कर, समर्थकों से बनवा रहे माहौल
पिछली सरकार में एक कैबिनेट और दो स्वतंत्र प्रभार मंत्री वाराणसी के हिस्से में आए थे। ऐसे में इस बार यह आंकड़ा चार तक होने की उम्मीद है। दादेवर इसके लिए जतन कर रहे हैं।
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विधानसभा चुनाव में क्लीन स्वीप कर विधानसभा पहुंचे वाराणसी के आठों विधायक अब मंत्रिमंडल में शामिल होने की उम्मीद में हैं। कुछ विधायक तो लखनऊ और दिल्ली के चक्कर काटने में जुट गए हैं। उधर, कुछ विधायकों ने समर्थकों के जरिए सोशल मीडिया पर माहौल बनवाना शुरू कर दिया है।
शिवपुर से दूसरी बार विधायक बने अनिल राजभर इस बार कैबिनेट में मजबूत जगह पाने की आस में हैं। उनके समर्थक सोशल मीडिया पर उन्हें भावी उप मुख्यमंत्री के तौर पर पेश करने में जुटे हैं। पिंडरा विधायक डा. अवधेश सिंह दिल्ली पहुंचे हैं और अपने पक्ष में शीर्ष नेतृत्व के जरिए हवा बनाने की तैयारी में हैं।
वाराणसी से तीन मंत्री
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2017 में बनी सरकार में वाराणसी के तीन विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई थी। यही कारण है कि इस बार चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे तीनों मंत्री अपनी जगह को पक्की मान रहे हैं। जबकि बाकी पांच विधायक भी अपने-अपने तर्कों के साथ अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।
कांग्रेस के पूर्व विधायक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दो बार लोकसभा चुनाव लड़ चुके अजय राय को दूसरी बार पटखनी देकर विधायक बने डॉ. अवधेश राय इस बार मंत्रिमंडल में जिम्मेदारी के लिए अपने वरदहस्तों की शरण में हैं।
इसके अलावा पिछली सरकार में मंत्री रविंद्र जायसवाल और डा. नीलकंठ तिवारी भी इस बार उम्मीद पाले हैं। यहां भी सोशल मीडिया पर समर्थक उपलब्धियां गिनाने में जुटे हैं। उधर, दूसरी बार सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाले कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव भी इसी दावे के साथ पार्टी के वरिष्ठों से संपर्क साधे हैं। अपना दल एस के विधायक गठबंधन धर्म के चलते मंत्रिमंडल की उम्मीद लगाए हैं।
ऐसे ही सेवापुरी से दूसरी बार विधायक बने नीलरतन पटेल को भी उम्मीद है कि उन्हें जगह मिलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक स्नेह के बाद उनकी उम्मीदें ज्यादा हैं।
मंत्रियों के प्रमोशन की भी उम्मीद
पिछली बार मंत्री बने तीनों विधायकों को प्रमोशन की भी उम्मीद है। अनिल राजभर को बड़े मंत्रालय के साथ ही प्रमुख चेहरे के रूप में जगह मिल सकती है। इसके अलावा डा. नीलकंठ तिवारी और रविंद्र जायसवाल को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। फिलहाल सरकार के शपथ ग्रहण के साथ ही यह तस्वीर साफ होगी।