वाराणसी: सीवर पाइप लाइन की सफाई करने उतरे दो मजदूरों की मौत, आक्रोशित लोगों ने किया पथराव
वाराणसी के कैंट थाना इलाके के काली मंदिर के पास एलएनटी द्वारा डाले गए सीवर पाइप लाइनों की सफाई के लिए टैंक के अंदर घुसे दो मजदूरों की मौत हो गई हैं। ये मजदूर रात में करीब चार बजे के आसपास चैंबर में अंदर गए थे।
वाराणसी के शिवपुर के मिनी स्टेडियम निवासी चंदन, बिहार के मोतिहारी निवासी राजेश और उमेश सीवर लाइन की सफाई के लिए अंदर गए थे। शुक्रवार तड़के 4 बजे अचानक चैंबर की दीवार खिसक गई और तीनों मजदूर उसमें फंस गए। उमेश ज्यादा नीचे ना होने के कारण बाहर निकल आया, जबकि चंदन और राजेश उसी में फंस गए।
मौके पर प्रभारी डीएम गौरांग राठी व सीओ डॉ. अनिल कुमार पुलिस टीम के साथ, एनडीआरएफ फोर्स के साथ चेंबर में फंसे सफाई कर्मियों को बचाव में लगे थे। रेस्क्यू ऑपरेशन कर चेंबर से मलबा और पानी निकाला गया।
जिसके बाद दोनों मजदूरों का शव कड़ी मशक्कत के बाद निकाला गया। मौके पर मौजूद लोगों ने आक्रोशित हो कर शव को ले जा रही एंबुलेंस पर भी पथराव किया। बीचबचाव करके पुलिस ने किसी तरह दोनों मजदूरों के शव को दीनदयाल अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।
तीन महीने पहले भी गई थी दो मजदूरों की जान
बता दें कि इससे पहले भी वाराणसी में सीवर लाइन में गिरने से दो मजदूरों की जान जा चुकी है। 11 नवंबर को सीवेज प्लग तोड़ने के लिए जल निगम की ओर से पर्याप्त बचाव साधनों के बिना मैनहोल में मजदूर उतार दिए गए थे।
जहरीली गैस से दोनों मजदूर अचेत हो गए और पानी के तेज बहाव में बह गए थे। जबकि एक मजदूर सत्येंद्र पासवान बाल-बाल बच गया। दिनेश पासवान (27) और उसके भतीजे विकास (18) की उस हादसे में मौत हो गई थी।