अपहरण के बाद मासूम से दुष्कर्म: दोषी को 20 साल की कैद, 438 दिन बाद आया फैसला; एक लाख 10 हजार अर्थदंड
अदालत ने अपहरण के बाद मासूम से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर एक लाख 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। घटना 10 जुलाई 2025 की है। पुलिस ने मामले में आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। पीड़िता को न्याय मिला।
विस्तार
अपहरण के बाद आठ साल की मासूम के दुष्कर्म के दोषी को सोमवार को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) न्यायाधीश दुर्गेश की अदालत ने 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर एक लाख 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
जुलाई 2025 में सुरियावां कोतवाली के एक गांव में आठ साल की बनवासी बच्ची के साथ जौनपुर, बरसठी के कुशा निवासी राजकमल उर्फ करिया ने दुष्कर्म कर उसे भदोही-जौनपुर सीमा के पास बने पुल पर अर्धनग्न अवस्था में छोड़ दिया था।
भदोही-जौनपुर जिले के बरसठी थाना क्षेत्र में अबरना पुल के पास 10 जुलाई को आठ साल की बच्ची अर्धनग्न अवस्था में बेहोशी की हालत में मिली थी। मेडिकल जांच में पता चला है कि मासूम के साथ दुष्कर्म किया गया है। पीड़िता के पिता की तरफ से मिली तहरीर पर पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म और अन्य सुसंगत धाराओं में सुरियावां कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि बच्ची घर के बाहर सो रही थी। एक युवक उसका मुंह दबाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद बेहोशी की हालत में लड़की को छोड़कर भाग गया। मामले में पुलिस ने 11 जुलाई को जौनपुर के बरसठी थाना क्षेत्र के कुशा निवासी राजकमल चौहान उर्फ करिया को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने घटनास्थल से मोबाइल के जरिए ‘लोकेशन’ का पता लगाकर पुलिस ने भदोही-जौनपुर सीमा के पास निगोह रोड पर राजकमल को गिरफ्तार किया था। विवेचना के बाद पुलिस नेअभियुक्त के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। जिस पर सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) न्यायाधीश दुर्गेश ने अभियुक्त को मासूम के अपहरण के बाद दुष्कर्म का दोषी पाया।
कोर्ट ने दोषी को 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं दोषी पर एक लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। चेताया कि अगर जुर्माना अदा नहीं किया जाता है तो दोषी को छह माह अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतनी होगी।