Baramulla Encounter Update: वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचा शहीद रवि का पार्थिव शरीर, कल सुबह मिर्जापुर के लिए होगी रवानगी
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कश्मीर के बारामुला में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए मिर्जापुर के सेना के जवान रवि कुमार सिंह का पार्थिव शरीर जम्मू से रवाना हो गया है। पार्थिव शरीर वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर देर रात साढ़े दस बजे पहुंचा। वहां श्रद्धांजलि देने के बाद मिर्जापुर स्थित पैतृक गांव गौरा के लिए रवाना किया गया। हालांकि, परिजनों ने गुरुवार की सुबह अंत्येष्टि का फैसला लिया है।
रवि सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार की शाम स्पेशल विमान 3:45 बजे आना था। हालांकि मौसम की खराबी के कारण स्पेशल विमान रात 10:30 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पर पहुंचा। एयरपोर्ट से शहीद जवान के पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से मिर्जापुर जिले के पैतृक गांव जिगना क्षेत्र के गौरा गांव भेजा जाना था।
हालांकि रात हो जाने के कारण पार्थिव शरीर को 39 जीटीसी बटालियन में रखा जाएगा और गुरुवार सुबह मिर्जापुर भेजा जाएगा। वाराणसी एयरपोर्ट पर शहीद जवान के पार्थिव शरीर के पहुंचते ही मौजूद लोगों की आंखे नम हो गईं। उसके बाद अधिकारियों के द्वारा विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ के अधिकारी,ग्रामीण पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रताप सिंह,एसडीएम पिण्डरा जयप्रकाश,सीओ बड़ागांव ज्ञान प्रकाश राय,एसओ फूलपुर एसओ सनवर अली,39 जिटीसी बटालियन के अधिकारी इत्यादि लोग मौजूद रहे।
पुत्र को शेर बनाकर बॉर्डर पर भेजा था, हमेशा शेर ही रहेगा
देश पर अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले सेना के जवान रवि की मां रेखा सिंह ने कहा कि बेटे को शेर बनाकर बॉर्डर पर भेजा। दूसरा बेटा होता तो उसे भी भेजती। भगवान ने एक ही पुत्र दिया है। मेरा बेटा शेर था, शेर है और शेर रहेगा। उसने अपने देश की रक्षा के लिए खुद को बलिदान कर दिया। उसने पिता का नाम रोशन किया, हमें उस पर गर्व है।
शासन आदेश करे तो बॉर्डर पर जाकर प्राणों को कर दूं न्योछावर
शहीद के पिता जय सिंह ने कहा कि बेटा देश के लिए शहीद हो गया। दो दिन पहले फोन पर बात हुई थी, बोला था। दो माह की छुट्टी लेकर आऊंगा और दीपावली घर पर मनाऊंगा। बचपन की यादों को ताजा करते हुए कहा कि बचपन की बहुत सी यादें है, उसे स्पोर्ट पसंद था।
बचपन में कहता था कि 18 साल का हो जाऊंगा तो देश की सेवा करूंगा। उसकी यह तमन्ना पूरी हुई। एक और बेटा होता तो उसे भी आतंकियों से मुठभेड़ के लिए भेज देता। दूसरा बेटा तो नहीं है। शासन आदेश दे तो मैं खुद बॉर्डर पर जाकर पुत्र की तरह आतंकियों से लड़कर देश के लिए प्राणों को न्योछावर कर दूंगा।
वादा करके गए थे वो आएंगे, वो घर के हर कोने में है
एलआईयू में तैनात दरोगा कमलेश सिंह की पुत्री प्रियंका सिंह से शहीद रवि का विवाह हुआ था। पत्नी प्रियंका सिंह ने बताया कि 17 अगस्त को शहादत से पहले फोन पर बात हुई थी। उन्होंने बताया कि फायरिंग चल रही है, बाद में तुमसे बात करता हूं। उसके बाद उनसे बात नहीं हुई।
देश के लिए जीते थे, देश के लिए अपनी जान को कुर्बान कर दिया। मेरे पति राजा थे, राजा की तरह लड़े। वो कहीं नहीं गए है, वो यही है हम सब के साथ। वो हमें छोड़कर कभी नहीं जा सकते। हमेशा मेरे साथ रहेंगे। वादा करके गए वो, तुमको कभी नहीं छोड़ेंगे। मरते दम तक मेरा साथ देंगे। वो है अभी भी, हर जगह, घर के हर कोने में है। वो बोले थे दीपावली पर आएंगे।
गुरुवार को अंत्येष्टि संस्कार को देखते हुए शव आने के बाद उसे मोर्चरी में रखने पर विचार चल रहा है। शव आने में बाद सीधे मोर्चरी में रखा जएगा या गांव ले जाकर फिर उसे लाया जाएगा, इस पर चर्चा चल रही है।