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Sports: हांगकांग के ट्रैक पर दौड़ेंगे दूधिया और ऑटो चालक के बेटे, अंशु-अभय भारतीय एथलेटिक्स टीम में चयनित
Fri, 15 May 2026 04:45 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 15 May 2026 04:45 PM IST
सार
Varanasi News: प्रधानाचार्य डॉ. एके सिंह ने बताया कि यह पहला अवसर है कि एक कॉलेज के दो खिलाड़ियों का चयन भारतीय एथलेटिक्स टीम में हुआ है। इस समय दोनों खिलाड़ी बंगलूरू में भारतीय खेल प्राधिकरण के केंद्र में प्रशिक्षण शिविर में शामिल हैं।
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अंशु-अभय भारतीय एथलेटिक्स टीम में चयनित
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हांगकांग के ट्रैक पर काशीवासी ऑटो चालक और दूधिया के बेटे दौड़ेंगे। अंडर 20 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 28 से 31 मई तक खेली जाएगी। इसमें भारत की एथलेटिक्स टीम भी हिस्सा ले रही है। भारतीय टीम में वाराणसी के विकास इंटर काॅलेज के दो छात्र अंशु रजक और अभय कुमार दुबे का चयन हुआ है।
अभय कुमार दुबे चार गुणा 400 मीटर रिले रेस और मिक्स्ड रिले रेस में और अंशु रजक 4 गुणा 100 मीटर रिले रेस में पदक के लिए दौड़ेंगे। प्रधानाचार्य डॉ. एके सिंह ने बताया कि यह पहला अवसर है कि एक कॉलेज के दो खिलाड़ियों का चयन भारतीय एथलेटिक्स टीम में हुआ है। इस समय दोनों खिलाड़ी बंगलूरू में भारतीय खेल प्राधिकरण के केंद्र में प्रशिक्षण शिविर में शामिल हैं।
300 से 1000 रुपये तक कमाई
अंशु रजक के पिता घर-घर जाकर फुटकर में दूध बेचने का काम करते हैं। रोजाना 300-400 रुपये तक आय हो जाती है। इसी दूध से ही अंशु के खेल के शौक पूरे हो रहे हैं। दूसरी ओर अभय कुमार दुबे के पिता ऑटो चलाकर पूरा परिवार पाल रहे हैं। ये हर दिन 500-1000 रुपये बचा लेते हैं। दोनों खिलाड़ी चार साल से डॉ. भीमराव अंबेडकर क्रीड़ा संकुल बड़ा लालपुर में उप क्रीड़ा अधिकारी डॉ मंजूर आलम अंसारी से प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी विमला सिंह दोनों खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
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अभय कुमार दुबे चार गुणा 400 मीटर रिले रेस और मिक्स्ड रिले रेस में और अंशु रजक 4 गुणा 100 मीटर रिले रेस में पदक के लिए दौड़ेंगे। प्रधानाचार्य डॉ. एके सिंह ने बताया कि यह पहला अवसर है कि एक कॉलेज के दो खिलाड़ियों का चयन भारतीय एथलेटिक्स टीम में हुआ है। इस समय दोनों खिलाड़ी बंगलूरू में भारतीय खेल प्राधिकरण के केंद्र में प्रशिक्षण शिविर में शामिल हैं।
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300 से 1000 रुपये तक कमाई
अंशु रजक के पिता घर-घर जाकर फुटकर में दूध बेचने का काम करते हैं। रोजाना 300-400 रुपये तक आय हो जाती है। इसी दूध से ही अंशु के खेल के शौक पूरे हो रहे हैं। दूसरी ओर अभय कुमार दुबे के पिता ऑटो चलाकर पूरा परिवार पाल रहे हैं। ये हर दिन 500-1000 रुपये बचा लेते हैं। दोनों खिलाड़ी चार साल से डॉ. भीमराव अंबेडकर क्रीड़ा संकुल बड़ा लालपुर में उप क्रीड़ा अधिकारी डॉ मंजूर आलम अंसारी से प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी विमला सिंह दोनों खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
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