दुर्गा पूजा 2026: मिनी बंगाल बनेगी काशी, स्थापित होगी यूपी की सबसे बड़ी 30 फीट की मां दुर्गा की प्रतिमा
काशी में दुर्गा पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। यहां यूपी की सबसे बड़ी 30 फीट की मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित होगी। महादेव की नगरी में 15 पंडालों में भव्यता दिखेगी।
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वाराणसी जिले में 11 अक्तूबर से शुरू दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। सप्तमी से लेकर विजयदशमी चार दिनों तक काशी मिनी बंगाल बन जाता है। देश भर में कोलकाता के बाद काशी की दुर्गा पूजा दूसरे स्थान पर है। केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के मुताबिक, जिले में छोटे बड़े पंडाल मिलाकर कुल 512 सार्वजनिक स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित होगी। इनमें हथुआ मार्केट, सनातन धर्म इंटर कॉलेज, जंगमबाड़ी, मच्छोदरी, शिवपुर मिनी स्टेडियम समेत 15 स्थानों पर बड़े पंडाल बनाए जाएंगे। अधिकतर स्थानों पर इको-फ्रेंडली प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।
इस बार नई सड़क स्थित सनातन धर्म इंटर कॉलेज में मां दुर्गा की 30 फीट ऊंची और 15 फीट चौड़ी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। आयोजकों का दावा है कि यह प्रतिमा यूपी में सबसे ऊंची है। कार्यवाहक अध्यक्ष सूरज जायसवाल ने बताया कि इस बार बदरीनाथ की तर्ज पर पंडाल बनाया जाएगा। जिसकी ऊंचाई 60 फीट होगी।
पंडाल के भीतर पांच मिनट का इलेक्ट्रिक शो भी दिखाया जाएगा। जिसमें नूतन बालक, मां गंगा, महादेव और मां दुर्गा के दर्शन होंगे। बंगाल से आए 35 कारीगर बांस, पुवाल और गंगा की मिट्टी से प्रतिमा तैयार कर रहे हैं। हथुआ मार्केट स्थित प्रीमियर बॉयज क्लब कंबोडिया के अंकोरवाट स्थित विष्णु मंदिर की तर्ज पर पंडाल बनाया जा रहा है।
पंडाल का काम 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इसकी ऊंचाई 80 से 90 फीट की बताई जा रही है। भीतर तीन-चार मिनट का इलेक्ट्रिक शो भी संचालित होगा। शिवपुर स्थित मिनी स्टेडियम में केदारनाथ मंदिर के तर्ज पर पंडाल बनाया जा रहा है।
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मैदागिन स्थित टाउन हॉल में सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति के ओर से छत्रपति शिवाजी को तलवार भेंट करते हुए मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मां की प्रतिमा गंगा मिट्टी से तैयार की जा रही है। इसमें किसी प्रकार के हानिकारक केमिकल का प्रयोग नहीं किया जाएगा। रोजाना शाम में मां को तीन घंटे शास्त्रीय संगीत सुनाया जाएगा।
जगतगंज में समसामयिक घटनाओं पर आधारित इलेक्ट्रॉनिक शो
जगतगंज में समसामयिक घटनाओं पर आधारित इलेक्ट्रॉनिक शो दिखाया जाएगा। वरुणा पुल क्षेत्र में श्री श्री दुर्गा पूजा समिति के ओर से मां दुर्गा की 12 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। वरिष्ठ उपाध्यक्ष शोभनाथ विश्वकर्मा ने बताया कि मां दुर्गा को हैंडलूम की बनारसी साड़ी पहनाई जाएगी। पांडेयपुर में खजुरी रोड पर आदियोगी थीम पर 40 फीट ऊंचा पंडाल बनाया जाएगा। काशी शारदीय उत्सव समिति के अध्यक्ष तुषार दुबे ने बताया कि पंडाल के मुख्य गेट पर आदियोगी शिव की 30 फीट की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। भीतर महिषासुर का वध करते हुए 15 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन होंगे।
जोड़ एलियन से लेकर महिला सशक्तीकरण तक, मूर्तियों में दिखेगी विविधता
काशी के मूर्तिकारों ने आस्था के साथ समसामयिक विषयों और आधुनिकता का अनूठा संगम पेश किया है। इस बार जिम स्पोर्टिंग क्लब, शारदा संघ और रामकृष्ण मठ सहित कई प्रमुख पंडालों में इस वर्ष कुछ बेहद अनोखी प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। चेतगंज स्थित विद्यार्थी स्पोर्टिंग क्लब में मां दुर्गा को ‘एलियन’ रूप में दर्शाया गया है, जबकि नवाबगंज दुर्गाकुंड में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के चेहरे से प्रेरित प्रतिमा बनाई गई है। वहीं, एक पंडाल में 14-15 फीट ऊंचे सिंह पर हंसमुख कन्या के रूप में भगवती विराजमान हैं। आधुनिक तकनीक के जरिये तुलसीपुर के गोल्ड स्पोर्टिंग क्लब में इलेक्ट्रॉनिक झांकी से नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया गया है, जहां छेड़खानी करने वाले का शिक्षिका दुर्गा रूप धरकर वध करती है। इसके अलावा, पान दरीबा में हाई-टेक भूत बंगला और गीता मंदिर में असुर वध का जीवंत दृश्य भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।