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Mgkvp:सितंबर-अक्तूबर में शुरू हो सकता है काशी विद्यापीठ का नया सत्र
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (Mgkvp) का शैक्षणिक सत्र पोर्टल की नई तकनीक में उलझने से विलंबित हो गया है। देर से ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत और प्रवेश परीक्षा के चलते नए सत्र की शुरुआत सितंबर-अक्तूबर से पहले होने की उम्मीद नहीं है। 20 से 25 जुलाई के बीच प्रवेश परीक्षा कराने की तैयारी है। उसके बाद रिजल्ट और प्रवेश प्रक्रिया चलेगी। जबकि शासन का निर्देश एक अगस्त से नया सत्र शुरू करने का है।
तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारियों के अभाव के चलते ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया देर से शुरू होने का असर काशी विद्यापीठ के सत्र 2024-25 पर पड़ रहा है। विश्वविद्यालय कैंपस की यूजी-पीजी की लगभग 8000 सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन विश्वविद्यालय में पहली बार आए समर्थ पोर्टल के साथ कर्मचारियों की तकनीकी सहजता न होने के कारण देर से शुरू हुआ। कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय ने मई के अंतिम सप्ताह से ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत की घोषणा की। तब आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई थी। मगर, आवेदनों की बेहद कम संख्या और समर्थ डैशबोर्ड के समय पर एक्टिवेट न हो पाने के कारण विवि प्रशासन ने अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 जून कर दिया। फिर भी पर्याप्त संख्या में आवेदन न आए तो कुलपति ने तिथि दोबारा बढ़ाकर 10 जुलाई कर दी। प्रवेश समिति ने 20 से 25 जुलाई के बीच प्रवेश परीक्षा की तिथि तय की है। प्रवेश परीक्षा के परिणाम और प्रवेश प्रक्रिया में पूरा अगस्त और सितंबर का कुछ समय निकल जाने का अनुमान है। इससे नया सत्र सितंबर के दूसरे पखवारे से या सितंबर की शुरुआत में होने की उम्मीद है। दूसरी ओर प्रदेश सरकार ने एक अगस्त से सत्र शुरू करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में काशी विद्यापीठ के उप कुलसचिव हरीश चंद ने कहा कि एक अगस्त से सत्र शुरू हो पाने की संभावना नहीं है। 25 तक प्रवेश परीक्षा के बाद जल्द से जल्द रिजल्ट और प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद सत्रारंभ होगा।
नॉन एंट्रेंस पाठ्यक्रमों की पहले शुरू होंगी कक्षाएं
प्रवेश परीक्षा की वजह से होने वाली देरी के मद्देनजर काशी विद्यापीठ प्रशासन नॉन एंट्रेंस वाले 35 पाठ्यक्रमों की कक्षाएं जुलाई में शुरू करने की तैयारी में है। काशी विद्यापीठ के प्रवेश समन्वयक प्रो. संजय ने बताया कि इस संबंध में शनिवार को प्रवेश समिति की बैठक होने वाली है, जिसमें प्रवेश परीक्षा और जिन पाठ्यक्रमों में आवेदन कम होने के कारण मेरिट पर प्रवेश लिया जा रहा है, उनकी कक्षा संचालन के संबंध में रूपरेखा बनाई जाएगी। बिना प्रवेश परीक्षा वाले कोर्स में कक्षा संचालन जुलाई में शुरू करने की योजना है।
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20 हजार परीक्षार्थी देंगे प्रवेश परीक्षा, 1600 को मेरिट से प्रवेश
काशी विद्यापीठ की यूजी-पीजी कक्षाओं में प्रवेश के लिए 20 हजार छात्र-छात्राओं ने एंट्रेंस एग्जाम वाले पाठ्यक्रमों में आवेदन किया है। जबकि नॉन एंट्रेंस वाले पाठ्यक्रमों में महज 1600 के आसपास ही छात्र-छात्राएं शामिल हैं। उन्हें मेरिट के आधार पर दाखिला देकर सत्र संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
पहले दिन 12 अभ्यर्थियों ने किया फॉर्म में संशोधन
काशी विद्यापीठ में आवेदन करने वाले 12 अभ्यर्थियों ने अपने आवेदन में ऑनलाइन संशोधन किया। प्रवेश समन्वयक प्रो. संजय के मुताबिक 12, 13 और 14 जुलाई को आवेदन पत्र में संशोधन के लिए पोर्टल का विंडो खोला गया है। पहले दिन शैक्षणिक और व्यक्तिगत विवरण में हुई गलतियों को 12 छात्र-छात्राओं ने संशोधित किया।
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तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारियों के अभाव के चलते ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया देर से शुरू होने का असर काशी विद्यापीठ के सत्र 2024-25 पर पड़ रहा है। विश्वविद्यालय कैंपस की यूजी-पीजी की लगभग 8000 सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन विश्वविद्यालय में पहली बार आए समर्थ पोर्टल के साथ कर्मचारियों की तकनीकी सहजता न होने के कारण देर से शुरू हुआ। कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय ने मई के अंतिम सप्ताह से ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत की घोषणा की। तब आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई थी। मगर, आवेदनों की बेहद कम संख्या और समर्थ डैशबोर्ड के समय पर एक्टिवेट न हो पाने के कारण विवि प्रशासन ने अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 जून कर दिया। फिर भी पर्याप्त संख्या में आवेदन न आए तो कुलपति ने तिथि दोबारा बढ़ाकर 10 जुलाई कर दी। प्रवेश समिति ने 20 से 25 जुलाई के बीच प्रवेश परीक्षा की तिथि तय की है। प्रवेश परीक्षा के परिणाम और प्रवेश प्रक्रिया में पूरा अगस्त और सितंबर का कुछ समय निकल जाने का अनुमान है। इससे नया सत्र सितंबर के दूसरे पखवारे से या सितंबर की शुरुआत में होने की उम्मीद है। दूसरी ओर प्रदेश सरकार ने एक अगस्त से सत्र शुरू करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में काशी विद्यापीठ के उप कुलसचिव हरीश चंद ने कहा कि एक अगस्त से सत्र शुरू हो पाने की संभावना नहीं है। 25 तक प्रवेश परीक्षा के बाद जल्द से जल्द रिजल्ट और प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद सत्रारंभ होगा।
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नॉन एंट्रेंस पाठ्यक्रमों की पहले शुरू होंगी कक्षाएं
प्रवेश परीक्षा की वजह से होने वाली देरी के मद्देनजर काशी विद्यापीठ प्रशासन नॉन एंट्रेंस वाले 35 पाठ्यक्रमों की कक्षाएं जुलाई में शुरू करने की तैयारी में है। काशी विद्यापीठ के प्रवेश समन्वयक प्रो. संजय ने बताया कि इस संबंध में शनिवार को प्रवेश समिति की बैठक होने वाली है, जिसमें प्रवेश परीक्षा और जिन पाठ्यक्रमों में आवेदन कम होने के कारण मेरिट पर प्रवेश लिया जा रहा है, उनकी कक्षा संचालन के संबंध में रूपरेखा बनाई जाएगी। बिना प्रवेश परीक्षा वाले कोर्स में कक्षा संचालन जुलाई में शुरू करने की योजना है।
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20 हजार परीक्षार्थी देंगे प्रवेश परीक्षा, 1600 को मेरिट से प्रवेश
काशी विद्यापीठ की यूजी-पीजी कक्षाओं में प्रवेश के लिए 20 हजार छात्र-छात्राओं ने एंट्रेंस एग्जाम वाले पाठ्यक्रमों में आवेदन किया है। जबकि नॉन एंट्रेंस वाले पाठ्यक्रमों में महज 1600 के आसपास ही छात्र-छात्राएं शामिल हैं। उन्हें मेरिट के आधार पर दाखिला देकर सत्र संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
पहले दिन 12 अभ्यर्थियों ने किया फॉर्म में संशोधन
काशी विद्यापीठ में आवेदन करने वाले 12 अभ्यर्थियों ने अपने आवेदन में ऑनलाइन संशोधन किया। प्रवेश समन्वयक प्रो. संजय के मुताबिक 12, 13 और 14 जुलाई को आवेदन पत्र में संशोधन के लिए पोर्टल का विंडो खोला गया है। पहले दिन शैक्षणिक और व्यक्तिगत विवरण में हुई गलतियों को 12 छात्र-छात्राओं ने संशोधित किया।