मऊ में फर्जी भुगतान करने पर फंसे प्रधान और सचिव, 12 लाख की होगी रिकवरी
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मऊ के बड़राव ब्लाक के अमिला गांव में कार्यकाल समाप्त होने के बाद विकास कार्य के नाम पर निकाली गई 42 लाख रुपये की धनराशि की जांच सीडीओ राम सिंह ने की। उन्होंने पाया कि 12 लाख रुपये का भुगतान फर्जी किया गया है। इस आधार पर शुक्रवार की शाम सीडीओ ने धनराशि की रिकवरी कराने का आदेश जिला पंचायती राज अधिकारी को दिया। इस आधार पर देर शाम डीपीआरओ ने गांव के निर्वतमान प्रधान और सचिव को धनराशि रिकवरी का पत्र जारी किया।
प्रधानों का कार्यकाल बीते 25 दिसंबर को समाप्त हो गया। इस दौरान प्रधान पूर्व में हुए कार्यों का धड़ाधड़ भुगतान कराने लगे थे। इसमें कई ने तो कराए गए कार्यों से अधिक का भुगतान करा लिया। संज्ञान में आने पर जिला प्रशासन ने जांच कराने के लिए टीम का गठन किया। बड़राव ब्लाक के अमिला ग्राम सभा में 42 लाख रुपया का भुगतान किया गया। बड़ी रकम निकाले जाने पर सीडीओ राम सिंह वर्मा खुद इस गांव में हुए विकास कार्यों की जांच कराने के लिए पहुंचे।
इसी क्रम में 15 और 16 जनवरी को सीडीओ ने विकास कार्यों की जांच और कराए गए कार्यों का मूल्यांकन कराया। इस दौरान पता चला कि सीसी रोड निर्माण के नाम पर निकाली गई धनराशि में 12 लाख रुपये का भुगतान फर्जी है। मूल्यांकन कराने के बाद मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा ने शुक्रवार की शाम को डीपीआरओ को आदेश जारी किया। इसमें अमिला गांव के निर्वमान प्रधान सीताराम सिंह पटेल और सचिव सुनील से 12 लाख रुपये की रिकवरी करने और विधि संगत कार्रवाई करना है। सीडीओ के आदेश पर डीपीआरओ घनश्यान सहाय ने देर शाम दोनों को पत्र जारी किया। बात करने पर मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा ने बताया कि तय तिथि के अंदर यदि धनराशि जमा नहीं होती है, तो दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।