प्राकट्योत्सव: मगहर तक गूंजेगी कबीरवाणी, 225 किमी की यात्रा में 8 राज्यों व नेपाल के अनुयायी; जानें खास
Varanasi News: कबीरवाणी का संदेश लेकर अगले माह पांच दिवसीय यात्रा निकाली जाएगी, जो 225 किलोमीटर का सफर तय करते हुए मगहर पहुंचेगी। यात्रा में आठ राज्यों और नेपाल से आए कबीरपंथी अनुयायी शामिल होंगे। आयोजन में 200 से अधिक साधु-संत भाग लेंगे। यात्रा के दौरान संत कबीर के विचारों और सामाजिक समरसता का संदेश दिया जाएगा।
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श्रम संत कबीर साहेब की निर्वाण स्थली मगहर से जन्मस्थली काशी तक कबीरवाणी गूंजेगी। पहली बार कबीर प्राकट्योत्सव पर मगहर से काशी तक 225 किमी लंबी कबीरधाम यात्रा निकलेगी, जो पांच जिलों से होकर गुजरेगी। इसमें नेपाल और आठ राज्यों के 200 से अधिक साधु-संत और अनुयायी शामिल होंगे। सत्संग और भजन-कीर्तन के माध्यम से कबीर के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। अगले माह के अंतिम सप्ताह में यात्रा निकाली जाएगी।
अधिकमास की वजह से इस बार कबीर साहेब का प्राकट्योत्सव अगले माह 27 से 30 जून तक विविध आयोजन के साथ होगा। कबीर प्राकट्य स्थली लहरतारा की ओर से कबीर साहेब की निर्वाण स्थली मगहर धाम से काशी तक यात्रा निकाली जाएगी। प्राकट्य स्थली के महंत गोविंद दास शास्त्री ने बताया कि 25 जून से यात्रा निकलेगी, जो पांच दिनों में करीब 10 पड़ावों से होकर काशी पहुंचेगी। इस दौरान संतकबीर नगर, गोरखपुर, आजमगढ़ और गाजीपुर में कबीर मठों और आश्रमों में रात्रि विश्राम होगा। साथ ही सत्संग और भजन-कीर्तन भी होंगे।
भजन मंडली कबीरवाणी का गान करेगी। कबीरवाणी का गान करने वाले प्रसिद्ध कलाकार भी शामिल होंगे। यात्रा में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र तथा नेपाल के साधु-संत और अनुयायी शामिल होंगे। बताया कि यात्रा कबीर प्राकट्य स्थली पर आयोजित प्राकट्योत्सव के समय पहुंचेगी। इस अवसर पर संगोष्ठी, भजन-सत्संग, संगीत संध्या आदि कार्यक्रम होंगे। काशी के कबीर मूलगादी मठ कबीरचौरा, लहरतारा सहित अन्य कबीर मठों में विविध अनुष्ठान और कार्यक्रम होंगे।
नौ दिन में पूरी हुई थी काशी से मगहर तक यात्रा
पहली बार काशी से मगहर तक की यात्रा वर्ष 2017 में निकाली गई थी, जो नौ दिनों में पूरी हुई थी। इसे कबीर प्राकट्यधाम लहरतारा की ओर से निकाला गया था। इसके बाद अब यह यात्रा दोबारा निकाली जा रही है। इस बार यात्रा मगहर से काशी तक निकलेगी, जो पहली बार होगा।
अधिकमास की पूर्णिमा पर राजस्थान में मनेगा प्राकट्योत्सव
अधिकमास की वजह से इस बार कबीर प्राकट्योत्सव एक माह आगे बढ़ गया है। कबीर प्राकट्यधाम के संतोष दास ने बताया कि ज्येष्ठ मास में अधिकमास लगने से इस बार यह मास दो माह का होगा। अधिकमास की पूर्णिमा के बजाय अगले ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर प्राकट्योत्सव मनाया जाएगा। हालांकि राजस्थान के पाली जिले के कबीर मठ में अधिकमास की पूर्णिमा पर ही कबीर प्राकट्योत्सव मनाया जाएगा।