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मंडुवाडीह नहीं अब 'बनारस' स्टेशन है नाम, लंबे समय से अधूरी काशी वासियों की पूरी हुई मांग
Tue, 18 Aug 2020 12:04 AM IST
विचित्र सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: विचित्र सिंह
Updated Tue, 18 Aug 2020 12:04 AM IST
सार
- पूर्व रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने शुरू की थी कवायद
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मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
वाराणसी के मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बनारस कर दिया गया है। ऐसा माना जाता रहा है कि मांडवी ऋषि के नाम पर मंडुवाडीह स्टेशन का नाम पड़ा था। तीन साल पहले लोकसभा चुनाव के दौरान इस नाम को बदलने का ऐलान तत्कालीन रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने किया था। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भी लिखा था।
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काशीवासियों की ओर से लंबे समय से की रही मांग पूरी हो गई है। पूर्वोत्तर रेलवे के आदर्श स्टेशनों में शुमार मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का नाम बनारस रखने का प्रस्ताव साल भर पहले अगस्त 2019 में तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह ने शासन को भेजा था। गृह मंत्रालय ने सोमवार को नाम बदलकर बनारस किए जाने का आदेश जारी कर दिया।
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एयरपोर्ट सरीखी सुविधाओं से लैस मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर कुल आठ प्लेटफॉर्म हैं। वाराणसी-नई दिल्ली की सबसे महत्वपूर्ण ट्रेन शिवगंगा एक्सप्रेस, ग्वालियर के लिए बुंदेलखंड एक्सप्रेस, खजुराहो के लिए लिंक एक्सप्रेस सहित आधा दर्जन प्रमुख ट्रेनों का संचालन इसी से होता है। कोरोना काल में सिर्फ शिवगंगा एक्सप्रेस का संचालन किया जा रहा है। उधर, पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ अशोक कुमार ने बताया कि नामकरण की आधिकारिक पत्र अभी नहीं आया है।
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