मंडुवाडीह स्टेशन का नाम बदलने की सालों से हो रही थी मांग, गृह मंत्रालय रख दिया बनारस रेलवे स्टेशन
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वाराणसी के मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का नाम अब बदल गया है। काशीवासी भी इस स्टेशन का नाम बदलने की काफी सालों से मांग कर रहे थे। वहीं, कई साल पहले तत्कालीन रेल राज्य मंत्री मोज सिन्हा ने इस स्टेशन का नाम बदलने का ऐलान किया था।
इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भी लिखा था। माना जाता है कि मंडुवाडीह स्टेशन का नाम मांडवी ऋषि के नाम पर पड़ा था।
मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन की कायाकल्प बदलने का श्रेय पूर्व सांसद और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को जाता है। 2014 में लोकसभा चुनाव जीतने और रेल राज्य मंत्री बनने के बाद वाराणसी मंडुवाडीह स्टेशन को आधुनिक बनाया। यहां से ट्रेनों का आवागमन शुरू किया गया।
स्टेशन बनने के बाद से ही लोग इसका नाम बदलने की मांग कर रहे थे। मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का नाम बनारस रखने का प्रस्ताव साल भर पहले अगस्त 2019 में तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह ने शासन को भेजा था। गृह मंत्रालय ने सोमवार को नाम बदलकर बनारस किए जाने का आदेश जारी कर दिया।
एयरपोर्ट सरीखी सुविधाओं से लैस मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर कुल आठ प्लेटफॉर्म हैं। वाराणसी-नई दिल्ली की सबसे महत्वपूर्ण ट्रेन शिवगंगा एक्सप्रेस, ग्वालियर के लिए बुंदेलखंड एक्सप्रेस, खजुराहो के लिए लिंक एक्सप्रेस सहित आधा दर्जन प्रमुख ट्रेनों का संचालन इसी से होता है। कोरोना काल में सिर्फ शिवगंगा एक्सप्रेस का संचालन किया जा रहा है। उधर, पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ अशोक कुमार ने बताया कि नामकरण की आधिकारिक पत्र अभी नहीं आया है।