Mau News: तहसील कोर्ट के सामने वादी ने खुद पर उड़ेला केरोसीन, निकाली माचिस, रोते हुए बताई ये सच्चाई
Mau News: संबंधित जमीन का दाखिल खारिज कराने के नाम पर गांव के प्रधान द्वारा 50 हजार रुपया की मांग की गई। इतना ही तहसीलदार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके आदमियों ने 25 हजार रुपये की मांग दो माह पहले की। जब उसके द्वारा कोई राशि नहीं दी गई तो उसकी बैनामा के नामातंरण को खारिज कर दिया।
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मऊ जिले के घोसी तहसील में गुरुवार की दोपहर उस समय अफरा तफरी मच गया। जबकि एक वादकारी ने अचानक तहसीलदार कोर्ट के सामने अपने ऊपर आत्महत्या करने के लिए खुद पर मिट्टी का तेल उड़ेल दिया। आग लगाने के लिए जैसे ही माचिस जलाने की कोशिश तो कुछ लोगों ने उसे पकड़ लिया।
वादकारी ने आग लगाने से पहले तहसीलदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए चिल्लाकर रुपया न मिलने पर उसके बैनामा को खारिज करने का आरोप लगाता रहा। वहीं, इस मामले की सूचना मिलने पर घोसी पुलिस वादकारी को हिरासत में लेकर घोसी कोतवाली पहुंची।
जानकारी के अनुसार, घोसी तहसील क्षेत्र के मूंगमास निवासी श्रीकृष्ण गोड़ पुत्र प्रेमचंद्र ने बताया कि उसके द्वारा गांव में दो मंडा के करीब मई 2023 में एक जमीन का बैनामा कराया था। आरोप लगाया कि उस समय संबंधित जमीन का दाखिल खारिज कराने के नाम पर गांव के प्रधान द्वारा 50 हजार रुपया की मांग की गई। इतना ही तहसीलदार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके आदमियों ने 25 हजार रुपये की मांग दो माह पहले की। जब उसके द्वारा कोई राशि नहीं दी गई तो उसकी बैनामा के नामातंरण को खारिज कर दिया।
तहसीलदार ने नियमों का दिया हवाला
आरोप लगाया कि इस बारे में उसके द्वारा सीएम पोर्टल से लेकर हर जगह पर शिकायत की गई लेकिन केाई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरन वह मिट्टी का तेल लेकर गुरुवार केा घोसी तहसील में पहुंचा। जहां उसने तहसीलदार कोर्ट के सामने आत्महत्या करने की नीयत से मिट्टी का तेल अपने उड़ेल दिया। लेकिन वह खुद को जला पाता इससे पहले मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया।
तहसीलदार कोर्ट के सामने अचानक इस घटना से पूरे तहसील में हड़कंप की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पहुंची घोसी पुलिस ने श्रीकृष्ण गोड़ को हिरासत में ले लिया। घोसी कोतवाली इस बारे में जांच में जुटी है। वहीं, इस मामले में घोसी तहसीलदार धर्मेद्र कुमार पांडेय का कहना है कि बैनामा लिया गया है। उसमें कई खातेदार हैं, इसके द्वारा चौहदी दिखाया गया है, जो नियम विरुद्ध होने पर इसे खारिज कर दिया गया है।