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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Malhani by-election: new history will be made after win SP is dreaming of hat-trick, BJP has not won since 1962

मल्हनी उपचुनावः जीते कोई, बनेगा नया इतिहास, सपा हैट्रिक का सपना देख रही, तो भाजपा 1962 से नहीं जीती

Tue, 10 Nov 2020 01:09 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 10 Nov 2020 01:09 PM IST
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Malhani by-election: new history will be made after win SP is dreaming of hat-trick, BJP has not won since 1962
मल्हनी विधान सभा उपचुनाव। - फोटो : अमर उजाला

जौनपुर जिले की मल्हनी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनावों के वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है। नतीजों का सबको बेसब्री से इंतजार है। यहां की जीत सिर्फ विधायक ही नहीं देगी, बल्कि सियासत का नया इतिहास भी रचेगी। मुख्य लड़ाई में माने जा रहे तीनों प्रमुख उम्मीदवारों में से जीत किसी की भी होगी, वह नया इतिहास बनाएगा।

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वर्ष 2012 से अस्तित्व में आई मल्हनी विधानसभा सीट पर अब तक सपा का कब्जा रहा है। वर्ष 2012 के पहले चुनाव में सपा के पारसनाथ यादव निर्वाचित हुए थे। उन्हें वर्ष 2017 में भी बड़े अंतर से जीत मिली। उनके निधन के बाद हो रहे उपचुनाव में पुत्र लकी यादव सपा के टिकट पर मैदान में हैं।
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अगर लकी चुनाव जीतने में कामयाब हुए तो सपा की यहां हैट्रिक होगी। मल्हनी से पहले रारी के नाम पर रहे इस विधानसभा क्षेत्र में अब तक कोई भी दल हैट्रिक नहीं लगा पाया है। इसी तरह भाजपा के लिए भी यहां इतिहास रचने का मौका है। पार्टी को अब तक यहां जीत नहीं मिली है। वर्ष 1962 में कुंवर श्रीपाल सिंह को जरूर जीत मिली थी, मगर तब यह रारी विधानसभा सीट थी।

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1962 के बाद से कभी भी भगवा खेमे में जीत की खुशी नहीं दौड़ी। यहां तक कि लोकसभा चुनाव में भी पार्टी हमेशा यहां से पिछड़ती रही है। अगर मनोज सिंह इस बार जीत दर्ज करने में कामयाब रहे तो वह भाजपा के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

निर्दल उम्मीदवार धनंजय सिंह रारी से दो बार विधायक रहे। पहली बार वर्ष 2002 में भी वह निर्दल ही चुनाव जीते थे। इसके बाद वर्ष 2007 में जदयू के सिंबल पर निर्वाचित हुए। वर्ष 2009 के उपचुनाव में पिता राजदेव सिंह बसपा से निर्वाचित हुए। वर्ष 2012 में पत्नी जागृति सिंह निर्दल तो वर्ष 2017 में वह खुद निषाद पार्टी के सिंबल पर मैदान में उतरे थे। कड़ी टक्कर के बाद भी वह जीत दर्ज नहीं कर सके। अगर धनंजय सिंह को जीत मिली तो वह निर्दल उम्मीदवार के रुप में चुनाव जीतने वाले मल्हनी के पहले विधायक होंगे। इससे पहले रारी में भी उन्होंने ही निर्दलीय चुनाव जीता था।

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