IMA: आईएमए में पांच साल तक के बच्चों के टीकाकरण शुल्क पर मचा घमासान, पूर्व अध्यक्ष ने उठाया ये सवाल
Varanasi News: आईएमए में पांच साल तक के बच्चों के टीकाकरण शुल्क पर घमासान मचा है। वैक्सीन स्वास्थ्य विभाग देता है फिर भी पहली बार 100 और हर बार 50 रुपये फीस देनी होगी। इसे लेकर पूर्व अध्यक्ष ने सवाल उठाया। इस पर सचिव ने सदस्यों को जवाब भेजा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) वाराणसी शाखा में बच्चों के टीकाकरण के लिए लगने वाले शुल्क को लेकर घमासान शुरू हो गया है। एक पूर्व अध्यक्ष ने पंजीकरण के बाद हर बार टीकाकरण का शुल्क लेने के फैसले पर सवाल उठाया और इसे आम लोगों के हितों के विपरीत बताया है। उधर, आईएमए के सचिव ने पूर्व अध्यक्ष के सवालों का जवाब सभी सदस्यों को भेजते हुए कहा कि टीकाकरण से संबंधित सभी फैसले जनरल बॉडी मीटिंग में लिए गए हैं। इसके पीछे उन्होंने टीकाकरण केंद्र पर सुविधाओं को बेहतर करने का भी हवाला दिया है।
आईएमए में करीब 2000 से अधिक डॉक्टर चिकित्सक सदस्य है। यहां पांच साल तक के बच्चों को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक टीका लगाया जाता है। खास बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जो टीके बच्चों को लगाए जाते हैं, वो वैक्सीन आईएमए को निशुल्क स्वास्थ्य विभाग देता हैं। आईएमए में जो टीकाकरण की व्यवस्था है, उसमें पहले एक बार 50 रुपये का पंजीकरण शुल्क लगता था। इसमें संबंधित बच्चे के नाम से एक कार्ड बन जाता था।
अब नई व्यवस्था के तहत पहली बार पंजीकरण के समय 100 रुपये देने होंगे और इसके बाद हर बार टीका लगवाने पर 50 रुपये फीस देनी होगी। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अरविंद सिंह ने इस पर आपत्ति जताते हुए सचिव समेत अन्य पदाधिकारियों से इस फैसला को वापस लेने की मांग की है। वहीं, सचिव ने सभी सदस्यों को इसका जवाब भेजते हुए कहा कि जनरल बॉडी मीटिंग में ये फैसला लिया गया है।
क्या बोले चिकित्सक
आईएमए को जब स्वास्थ्य विभाग वैक्सीन देता है तो टीकाकरण के लिए हर बार शुल्क लेने का फैसला गलत है। जिस तरह लंबे समय से बच्चों को एक बार पंजीकरण के बाद टीकाकरण का लाभ दिलाया जा रहा है, उसी तरह सेवा को जारी रखने से अधिक से अधिक लोगों को लाभ दिलाने का प्रयास करना चाहिए। -डॉ. अरविंद सिंह, पूर्व अध्यक्ष, आईएमए
टीकाकरण के शुल्क के बारे में जो भी फैसला लिया गया है, वह 21 जनवरी 2026 को हुई जनरल बॉडी मीटिंग में सदस्यों की मौजूदगी में लिया गया है। टीकाकरण केंद्र में कर्मचारियों की सेलरी, अन्य जरूरी संसाधन मुहैया कराने और सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में जो खर्च आता है, वह टीकाकरण में मिलने वाले शुल्क से बहुत ज्यादा है। आईएमए की ओर से किसी तरह की लाभ को ध्यान में नहीं बल्कि सामाजिक सेवा को ध्यान में रखकर टीकाकरण, एंबुलेंस, ऑक्सीजन आदि सेवाओं को दिया जाता है। -डॉ. एके त्रिपाठी, सचिव, आईएमए