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BHU: काशी साहित्य कला उत्सव में मैथिली ठाकुर ने जमाया रंग, भजन और सूफी संगीत पर झूमे लोग

Sun, 12 Feb 2023 12:58 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 12 Feb 2023 12:58 PM IST
सार

बीएचयू के स्वतंत्रता भवन सभागार में शनिवार देर शाम लोक गायिका मैथिली ठाकुर की सुरमयी आवाज का जादू हर किसी को दीवाना कर दिया। मौका था काशी साहित्य कला उत्सव का।  मैथिली ने शानदार प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया।
 

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Maithili Thakur spectacular performance in bhu sahita kala utsav banaras lit fest
काशी साहित्य कला उत्सव में मैथिली ठाकुर ने जमाया रंग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन सभागार में काशी साहित्य कला उत्सव के पहले दिन संगीत और साहित्य के प्रसिद्ध सितारों का जमावड़ा लगा। शाम में लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने अपना रंग जमाया। भजनों से लेकर सूफी संगीत तक अपनी आवाज का जादू बिखेरा। शानदार प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया।

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स्वतंत्रता भवन सभागार में युवा श्रोताओं के साथ संगीत प्रेमियों की भारी भीड़ दिखी। मैथिली ने 'चारों दूल्हा में बड़का कमाल सखिया',  'तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी', छाप तिलक सब छीनी', 'मेरे रश्के कमर तूने पहली नजर', 'हमें जिंदा रहने दो ए हुस्न वालों' और 'श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में', आदि गाने पर तान छेड़ी तो लोग मंत्रमुग्ध हो उठे।
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इस दौरान कई लोग कुर्सियों को छोड़कर नाचते भी नजर आए। भीड़ के अभिवादन के बाद मैथिली ने 'दमादम मस्त कंलदर' से आगाज किया। फिर एक के बाद कई नगमे सुनाए। 'डम-डम डमरू बजावे ला हमार जोगिया' पर श्रोताओं ने तालियों से जुगलबंदी की। देर रात कार्यक्रम समाप्ति के बाद लोग मैथिली ठाकुर की प्रशंसा करते नहीं थक रहे थे।

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इससे पहले दोपहर में व्योमेश शुक्ल के निर्देशन में राम की शक्तिपूजा का मंचन किया गया। कलाकारों ने भावपूर्ण प्रस्तुतियों से दर्शकों के बीच अमिट छाप छोड़ी। कथक से लेकर भरतनाट्यम के साथ ही नृत्य की कई मुद्राओं की झलक देखने को मिली। युवा लेखक दिव्य प्रकाश दूबे ने अपनी कृतियां मसाला चाय, मुसाफिर कैफे, अक्तूबर जंक्शन पर चर्चा की। कवि सम्मेलन में रश्मि सबा, सपना मूलचंदानी, वसीम नादिर आदि ने काव्यपाठ कर सभी का ध्यान खींचा। वहीं, रितेश रजवाड़ा ने भी प्रस्तुति दी। 

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