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काशी विद्यापीठ: लंबे समय बाद स्व वित्तपोषित कर्मियों के वेतन में होगी बढ़ोतरी, बैठक में लगी मुहर

Sat, 26 Mar 2022 02:30 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 26 Mar 2022 02:30 PM IST
सार

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति की अध्यक्षता में हुई वित्त समिति की बैठक में स्व वित्तपोषित कर्मियों के वेतन की बढ़ोतरी पर मुहर लग गई। 

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Mahatma gandhi Kashi Vidyapith self financed staff salary hike after After long time decision in finance committee meeting
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के स्व वित्तपोषित कर्मियों के वेतन में लंबे समय बाद 20 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। शुक्रवार को कुलपति की अध्यक्षता में हुई वित्त समिति की बैठक में इस पर मुहर लग गई। वहीं, विश्वविद्यालय में मल्टीपरपज हॉल के निर्माण पर भी चर्चा की गई।

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कुलपति प्रो. एके त्यागी की अध्यक्षता में बैठक पंत प्रशासनिक भवन स्थित सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन सभागार में संपन्न हुई। बैठक में काशी विद्यापीठ के पुनरीक्षित आय व्यय वर्ष 2021-22 और अनुमानित आय व्यय वर्ष 2022-23 को अनुमोदित किया गया। विद्यापीठ ने भवन निर्माण की परियोजनाओं पर आगामी तीन वर्षों में लगभग 96 करोड़ व्यय करने की योजना तैयार की है।

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काशी विद्यापीठ को  16 करोड़ 40 लाख का घाटा

इसके तहत वर्ष 2022-23 के लिए पूंजीगत व्यय मद में 32 करोड़ का बजट प्रावधान किया है। इसमें मुख्य परिसर, गंगापुर परिसर और भैरव तालाब परिसर में विभिन्न शैक्षणिक तथा अन्य भवनों का निर्माण किया जाएगा। विद्यापीठ को वर्ष 2020-21 में 46 करोड़ 83 लाख के सापेक्ष 63 करोड़ 23 लाख का व्यय करना पड़ा, जिस कारण 16 करोड़ 40 लाख का घाटा हुआ।

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आगामी सत्र के लिए 67 करोड़ 80 लाख के सापेक्ष 76 करोड़ 16 लाख का बजट पेश किया गया। इसके कारण 2021-22 में विद्यापीठ को आठ करोड़ 36 लाख का घाटा होने की संभावना है। सत्र 2022-23 के लिए अनुमानित आय 71 करोड़ 86 लाख के सापेक्ष 127 करोड़ 23 लाख के व्यय का प्रावधान किया गया है। इसके कारण विद्यापीठ को 55 करोड़ 37 लाख का घाटा होने की संभावना है। 

नई शिक्षा नीति से बनाएंगे पीएम के सपनों का भारत

काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि शिक्षकों को तकनीकी रूप से धनी बनाना हमारा लक्ष्य है ताकि नई शिक्षा नीति के अनुरूप काम कर सकें। तभी हम प्रधानमंत्री के सपनों का भारत बना सकेंगे।

वह शुक्रवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च व विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित फै कल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे। पांच दिवसीय कार्यक्रम में 390 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। 14 विद्वानों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए कंप्यूटर प्रौद्योगिकी सहायता प्राप्त शिक्षण उपकरण पर विचार व्यक्त किए। 

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