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Maha Shivratri 2022: महाशिवरात्रि पर बन रहा महासंयोग, जानिए शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजन विधि

Fri, 25 Feb 2022 02:03 PM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Fri, 25 Feb 2022 02:03 PM IST
सार

भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन उत्सव को महाशिवरात्रि पर्व के रूप में मनाते हैं। इस साल यह त्योहार एक मार्च को  मंगलवार को है। इस बार महाशिवरात्रि पर पंचग्रही योग के साथ ही केदार योग का महासंयोग बन रहा है। 

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Mahashivratri  2022 will be celebrated in Panchagrahi and Kedar Yoga
काशी विश्वनाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फाल्गुन कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को देवाधिदेव महादेव को समर्पित महाशिवरात्रि का महापर्व मनाया जाएगा। इस बार महाशिवरात्रि पर पंचग्रही योग के साथ ही केदार योग का महासंयोग निर्मित हो रहा है। इस महासंयोग में की गई महादेव की आराधना पुण्यफलदायी और सर्वमनोरथ को पूर्ण करने वाली होगी। 

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वैदिक ज्योतिष संस्थान के प्रमुख स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि के एक दिन पहले यानि 28 फरवरी को सोम प्रदोष व्रत रहेगा। एक मार्च को महाशिवरात्रि और दो मार्च को अमावस्या का विशेष पूजन अनुष्ठान संपन्न होगा।
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पंच ग्रहों के योग का महासंयोग
सभी मनोरथों को पूर्ण करने के लिए इस बार महाशिवरात्रि पर पंच ग्रहों के योग का महासंयोग और दो महाशुभ योग बन रहे हैं, मंगलवार को मकर राशि में शुक्र, मंगल, बुध, चंद्र, शनि के संयोग के साथ ही केदार योग भी बनेगा, जो पूजा उपासना के लिए विशेष कल्याणकारी है। शिव पूजन का संयोग 28 फरवरी यानी सोमवार को प्रदोष से शुरू होगा।

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स्वामी पूर्णानंदपुरी ने बताया कि शिवरात्रि चतुर्दशी तिथि एक मार्च को प्रात: 3:16 मिनट से 2 मार्च रात्रि एक बजे तक रहेगी। शिवरात्रि पर धनिष्ठा नक्षत्र में परिधि नामक योग बन रहा है और इस योग के बाद शतभिषा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। वहीं परिध योग के बाद से शिव योग शुरू हो जाएगा।
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व्रत रखने से सौभाग्य में वृद्धि

Mahashivratri  2022 will be celebrated in Panchagrahi and Kedar Yoga

इसके साथ ही शिव पूजन के समय केदार योग रहेगा। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसके बाद भोलेनाथ ने वैराग्य का जीवन त्यागकर गृहस्थ जीवन अपनाया था। इस दिन व्रत रखने से सौभाग्य में वृद्धि होती है।

बनारस की गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल है शिव बरात

Mahashivratri  2022 will be celebrated in Panchagrahi and Kedar Yoga
शिव बरात - फोटो : फाइल

महाशिवरात्रि पर शिव बरात में भगवान शिव के आराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के भी दर्शन होंगे। 40वें वर्ष में निकलने वाली शोभायात्रा में 40 दोहों में पूरी रामायण को शिव बरात में जीवंत किया जाएगा। काशी विश्वनाथ धाम को समर्पित शिव बरात में होली के विविध रंग भी बिखरेंगे। शिव बरात को देखने के लिए देश भर से श्रद्धालु बनारस आते हैं। बरात में बच्चे झांकियों के जरिये बड़ों को मतदान के लिए प्रेेरित करेंगे।

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