फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Mahashivratri 2024 Kashi Vishwanath Temple will wedding hall of Lord Shiva

Mahashivratri 2024: जनवासा होगा पूर्व महंत का आवास, मंडप बनेगा काशी विश्वनाथ मंदिर का गर्भगृह

Fri, 08 Mar 2024 12:23 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Fri, 08 Mar 2024 12:23 PM IST
सार

Mahashivratri 2024: शिवयोग, सर्वार्थ सिद्धि और शुक्र प्रदोष में आज शिव और गौरा का विवाह होगा। इस महाशिवरात्रि पर बन रहे संयोग भक्तों के हर मनोरथ को पूर्ण करेंगे। 

विज्ञापन
Mahashivratri 2024 Kashi Vishwanath Temple will wedding hall of Lord Shiva
Shiv Vivah In Varanasi - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाशिवरात्रि पर शिवभक्त भगवान शिव और माता गौरा के विवाह के साक्षी बनेंगे। पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी का आवास जनवासा बनेगा तो श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का गर्भगृह मंडप में तब्दील हो जाएगा। शिवयोग, सर्वार्थ सिद्धि, सिद्धि योग और शुक्र प्रदोष के संयोग में महाशिवरात्रि का महापर्व मनेगा। भगवान शिव और मां गौरा के विवाहोत्सव के आयोजन होंगे।

विज्ञापन


भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के अनुष्ठान हल्दी की रस्म के साथ शुरू हो गए हैं। टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत के आवास पर हल्दी के लोकाचार के बाद विवाह के मंगल गीत अनवरत गूंज रहे हैं। आज शहर के सभी शिवालयों में शिव विवाह के अनुष्ठान होंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में शुक्रवार की रात नौ बजे के बाद विवाह के अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे। 
विज्ञापन


सप्तर्षि आरती और मंत्रों से विवाह के लोकाचार संपन्न होंगे। मंदिर के अर्चक ही वर और वधू पक्ष की भूमिका में वैदिक परंपरा के अनुसार बाबा का विवाह संपन्न कराएंगे। रात भर चार प्रहर की आरती के साथ विवाह के उत्सव भोर तक अनवरत चलेंगे। बाबा की चल रजत प्रतिमा को मंदिर के गर्भगृह में विराजमान कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सर्वार्थ सिद्धि योग शुक्रवार को होने से इसका शुभ प्रभाव और भी बढ़ जाता है। शिव योग में महाशिवरात्रि का व्रत रखने से भगवान शिव तक आपकी प्रार्थना शीघ्र ही पहुंच जाती है। निशीथ काल में पूजा के दौरान सिद्धि योग बन रहा है जो शिव की पूजा का संपूर्ण फल प्रदान करेगा।

मदुरै से आए जोड़े में सजेंगे शिव-पार्वती

टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत के आवास पर होने वाले वैवाहिक कर्मकांड के दौरान बाबा विश्वनाथ और गौरा की चल प्रतिमा के लिए मदुरै से वस्त्र भेजे गए हैं। मदुरै के मीनाक्षी सुंदेश्वर मंदिर के पुजारी पं. एसके रमन शास्त्री और उनकी पत्नी सुंदरता लक्ष्मी बाबा और गौरा के विवाह का जोड़ा लेकर बृहस्पतिवार को काशी पहुंचे। उन्होंने विवाह का जोड़ा पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के पुत्र पं. वाचस्पति तिवारी को सौंपा।

पं. एसके. रमन शास्त्री ने कहा कि जब मुझे यह सूचना मिली कि विवाहपूर्व लोकाचार के लिए अयोध्या के प्रसिद्ध रामायणी पं. वैद्यनाथ पांडेय के पुत्र पं. राघवेश पांडेय ने अयोध्या से हल्दी भेजी है, मैंने उसी समय तय कर लिया था कि बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती को अर्पित करने के लिए वस्त्रों का जोड़ा मैं अपनी तरफ से भेंट करूंगा।

उल्लेखनीय है कि एक तरफ काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा का विवाह होता है और ठीक उसी समय पूर्व महंत के आवास पर भी विवाह के विधान पूर्ण किए जाते हैं। यह परंपरा विश्वनाथ मंदिर के स्थापना काल से अनवरत चली आ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed