दादा की हत्या में अधिवक्ता पोते समेत दो को फांसी की सजा, 24 साल पहले काटा था सिर
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मऊ के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक ने एक बड़ा फैसला सुनाया। जमीन विवाद में चौबीस साल पहले अपने दादा की धारदार हथियार से सिर काटकर हत्या करने के मामले में अधिवक्ता पोते समेत दो लोगों को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। इस मामले में 5 लोगों को नामजद किया गया था।
जिसमें दो की मौत हो गई, जबकि नाबालिग आरोपी की पत्रावली को अलग कर दिया था। कोर्ट के आदेश के बाद दोनों को वापस जेल भेज दिया गया। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, रैकवारेडीह गांव निवासी अखिलेश कुमार पांडेय पुत्र राम सिंहासन पांडेय की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई।
इसमें गांव के ही इंद्रासन पांडेय पुत्र अमरदेव उर्फ खेदन, राकेश पांडेय और मिथिलेश उर्फ दीपू पांडेय पुत्रगण इंद्रासन पांडेय, घनश्याम पांडेय पुत्र महाराज पांडेय तथा रानीपुर थाना क्षेत्र के बरवां गांव निवासी यशवंत चौबे पुत्र राधेश्याम चौबे को आरोपी बनाया।
वादी का कथन रहा कि जमीन के विवाद को लेकर आरोपियों ने 12 मार्च 1996 को दोपहर 12:00 बजे जमीन के विवाद को लेकर दुबरी पांडेय को जमीन पर पटक दिया। वादी के मुताबिक घटना के दौरान उसके बाबा दुबरी पांडेय खेत देखने गए थे।
इस दौरान राकेश पांडेय ने हाथ में लिए हुए धारदार हथियार से दुबरी पांडेय का सिर और दोनों हाथ के अंगूठे काट दिए। इसके बाद सिर और अंगूठे पोखरी में फेंक दिए। वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार और पोखरी से मृतक का सिर और अन्य अंग बरामद किए।
साथ ही विवेचना पूरी कर सभी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह ने कुल नौ गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से भी पांच गवाहों को पेश कर तर्क दिया गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध सबूतों का अवलोकन करने के बाद आरोपी अधिवक्ता राकेश पांडेय और यशवंत चौबे को हत्या व सबूत मिटाने का दोषी पाया। आरोपी इंद्रासन पांडेय और घनश्याम पांडेय की मौत हो जाने के चलते उनके खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी। वहीं आरोपी मिथिलेश उर्फ दीपू पांडेय के नाबालिग होने के चलते उनकी पत्रावली अलग कर किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई।