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Varanasi News: देश भर की नदियों और सागर के जल से हुआ राम का राज्याभिषेक, विधि-विधान से निभाई गई रस्में

Fri, 19 Apr 2024 06:10 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 19 Apr 2024 06:10 PM IST
सार

Varanasi News: इस मनोहारी झांकी से भाव विभोर भक्तों ने राजा रामचंद्र के जयकारों से आकाश गूंज उठा। प्रभु श्रीराम के राजाधिराज स्वरूप की अनुपम अलौकिक झांकी के दर्शनार्थ उत्सव मंडप में दोपहर से देर शाम तक श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। अनुष्ठानिक उत्सव का समापन प्रभु के स्तवन व स्वस्ति वचन के साथ हुआ। 

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lord Ram coronation took place with water from rivers and oceans across india
भगवान श्री राम का राज्याभिषेक करते आचार्य। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राम राज बैठे त्रैलोका, हर्षित भए गए सब सोका...। भगवान राम जब राजा बने तीनों लोक में प्रसन्नता छा गई और सारे दुख दूर हो गए। बृहस्पतिवार को कुछ ऐसा ही नजारा मानसरोवर तीर्थ पर राम तारक आंध्रा आश्रम में भगवान राम के पट्टाभिषेक उत्सव में नजर आया। 

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काशी में पहली बार आयोजित इस अनुष्ठान में काशीवासियों के अलावा इस अवसर विशेष में भाग लेने दक्षिण भारत से आए भक्तजनों ने राजा राम को पुष्पांजलि अर्पित की। सिंहासन पर राजाधिराज के रूप में विराजमान राघवेंद्र के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
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बृहस्पतिवार की सुबह-सुबह से ही राम तारक आंध्रा आश्रम का प्रांगण वैदिक मंत्रों से गूंज रहा था। अनुष्ठान की शुरूआत देश भर की नदियों और सागर से लाए गए जल से प्रभु श्रीराम के विग्रह का अभिषेक किया गया। अनुष्ठान के मुख्य आचार्य उलीमिरी सोमायाजुलू के दिशा निर्देशन में वेदज्ञों ने पवित्र जल पूरित कलशों से श्री राम प्रभु का मस्तकाभिषेक किया। 
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इसके बाद वेद मंत्रों से राजा राम के सिंहासन को यंत्र सिद्ध किया गया। राघवेंद्र सरकार का राजसी शृंगार कर उन्हें अष्टधातु से निर्मित सिंहासन पर विराजमान कराया गया। उत्सव मंडप नाद वृंदम की स्वर लहरियों और शंखनाद के जयघोष गूंज रहा था। 


आचार्य बुद्ध शर्मा व पंडित श्याम शास्त्री ने यजमान का आसन ग्रहण किया। इस अवसर पर उत्सव के अनुष्ठानों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले विद्वत जनों आचार्य व अन्य सहयोगियों को अंग वस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। शाम को सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आश्रम के अध्यक्ष पीवीआर शर्मा एवं आश्रम के ट्रस्टी गण यू आर के मूर्ति, दुबकुंता श्रीनिवास, पुरानम श्रीनिवास मौजूद रहे।

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