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पाकिस्तान में जन्म, काशी में मतदान, बेटियां बोलीं- बेहतरीन है हिंदुस्तान
Mon, 20 May 2019 08:43 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 20 May 2019 08:43 AM IST
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माहेरुख और निदा मतदान करने के बाद
- फोटो : अमर उजाला
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आज हमें दुनिया की सबसे बड़ी खुशी मिली है। हमें वोट देने का अधिकार मिला और अपनी सरकार चुनने के लिए हमने मतदान किया। हिंदुस्तान बेहतरीन है और हम गर्व से कह सकते हैं कि हम हिंदुस्तान की बेटियां हैं।
यह कहना है पाकिस्तान के कराची में जन्मी माहेरुख और निदा का। हिंदुस्तानी पिता और पाकिस्तानी मां की संतान निदा और माहेरुख को कुछ दिन पहले ही भारतीय नागरिकता मिली। दोनों बहनों ने रविवार को पहली बार काशी में मतदान किया।
पान दरीबा निवासी नसीम की शादी पाकिस्तान के कराची की शाहिदा से हुई। इस दौरान नसीम पाकिस्तान आते जाते रहे। पाकिस्तान में ही नसीम और शाहिदा की दो बेटियां निदा और माहेरुख ने दुनिया में कदम रखा।
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शाहिदा को 2007 में भारत की नागरिकता मिली तो वह दोनों बेटियों के साथ हिंदुस्तान आ गईं। लेकिन जन्म पाकिस्तान में होने के कारण निदा और माहेरुख को भारतीय नागरिकता नहीं मिली।
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यह कहना है पाकिस्तान के कराची में जन्मी माहेरुख और निदा का। हिंदुस्तानी पिता और पाकिस्तानी मां की संतान निदा और माहेरुख को कुछ दिन पहले ही भारतीय नागरिकता मिली। दोनों बहनों ने रविवार को पहली बार काशी में मतदान किया।
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पान दरीबा निवासी नसीम की शादी पाकिस्तान के कराची की शाहिदा से हुई। इस दौरान नसीम पाकिस्तान आते जाते रहे। पाकिस्तान में ही नसीम और शाहिदा की दो बेटियां निदा और माहेरुख ने दुनिया में कदम रखा।
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शाहिदा को 2007 में भारत की नागरिकता मिली तो वह दोनों बेटियों के साथ हिंदुस्तान आ गईं। लेकिन जन्म पाकिस्तान में होने के कारण निदा और माहेरुख को भारतीय नागरिकता नहीं मिली।
नसीम ने बताया कि बेटियों की नागरिकता के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसंपर्क कार्यालय से संपर्क किया। दो साल की कागजी कार्रवाई के बाद उनकी बेटियों को भारत की नागरिकता मिली।
इसके बाद मतदान का हक मिला तो दोनों बहनें अपने परिवार के साथ आर्य महिला इंटर कॉलेज में वोट देने पहुंचीं। मताधिकार का प्रयोग करके दोनों बहनें बहुत खुश थीं।
इसके बाद मतदान का हक मिला तो दोनों बहनें अपने परिवार के साथ आर्य महिला इंटर कॉलेज में वोट देने पहुंचीं। मताधिकार का प्रयोग करके दोनों बहनें बहुत खुश थीं।