वाराणसी में सपा-बसपा गठबंधन ने बदला उम्मीदवार, अब पीएम मोदी के सामने बर्खास्त जवान तेज बहादुर
वाराणसी में अंतिम मौके पर महासंग्राम की कहानी ने एक अलग ही मोड़ ले लिया है। सपा-बसपा गठबंधन ने घोषित प्रत्याशी शालिनी यादव की जगह तेज बहादुर यादव को टिकट दे दिया है। यह बदलाव आखिरी वक्त में हुआ। जिससे अंतिम क्षण तक सस्पेंस बना हुआ था।
काफी सस्पेंस के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सपा बसपा गठबंधन ने अपना प्रत्याशी बदल दिया है। सोमवार को सपा की पूर्व घोषित प्रत्याशी शालिनी यादव और बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ने सपा प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरा।
बाद में पार्टी ने स्पष्ट किया कि तेज बहादुर यादव पीएम मोदी के खिलाफ उनके प्रत्याशी होंगे और शालिनी यादव बाद में अपना नामांकन वापस लेंगी। इससे पहले सपा के प्रदेश प्रवक्ता मनोज राय धूपचंडी बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव के साथ पर्चा दाखिल कराने पहुंचे।
धूपचंडी ने कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी में बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव एसपी के प्रत्याशी होंगे। धूपचंडी ने कहा कि सपा की अब तक घोषित प्रत्याशी शालिनी यादव अपना नामांकन पत्र वापस ले लेंगी।
सेना के जवान तेज़ बहादुर जी को वाराणसी से समाजवादी पार्टी का टिकट दिया गया है।
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) April 29, 2019
शालिनी का टिकट कटने से कांग्रेस को मिली राहत
तेजबहादुर इसके पहले भी निर्दल नामांकन कर चुके हैं। तेजबहादुर ने टिकट के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात भी की है। इससे पहले जब शालिनी यादव नामांकन करने के लिए कलक्ट्रेट में जुलूस लेकर पहुंचीं, उसी समय धूपचंडी बीएसएफ के बर्खास्त जवान को लेकर नामांकन का एक सेट और दाखिल कराने पहुंच गए। दोनों प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार अगर समाजवादी पार्टी तेज बहादुर पर दांव लगाती है तो इसके जरिए वह भाजपा को घेरेगी। सपा तेज बहादुर की बर्खास्तगी के मुद्दे को उठाएगी। दरअसल, शालिनी यादव पहले पहले कांग्रेस में थीं और वाराणसी में मेयर के चुनाव में उन्हें 1. 13 लाख वोट मिले थे। अब शालिनी के हटने पर कांग्रेसी वोटों के बंटने की आशंका कम हो जाएगी।