पूर्वांचल में सैकड़ों मतदाता नहीं कर पाए अपने अधिकार का प्रयोग, जानिए क्या है वजह?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्वांचल के तीन जिलों में सैकड़ों मतदाता अपने मताधिकार प्रयोग नहीं कर पाए। इससे वोट ना डाल पाने के कारण मतदाता आक्रोशित हो गए और प्रदर्शन किया। लोगों ने बीएलओ पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। इन जिलों में सोनभद्र, बलिया और चंदौली के गांव शामित हैं।
सोनभद्र जिले के वैनी बूथ पर बड़ी संख्या में नाम कटने से लोगों वोट नहीं डाल पाए तो वहीं लोगों का आरोप है कि उसका नाम है उसका बीएलओ की लापरवाही से करीब 500 लोगों के वोट देने की परची नहीं पहुंची। इस गुस्साए ग्रमीणों ने बीएलओ पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी से की।
सूचना पर पहुंचे सोनभद्र के जिलाधिकारी सोनभद्र और पुलिस अधीक्षक ने लोगों को समझाया और पर्ची ना होने पर भी वोटर लिस्ट में नाम होने पर वोट पड़ने की बात कही। लोगों ने बताया कि यहां के बीएलओ ने जो इसी बूथ का है, उसने राजनीति में आकर ऐसा काम किया है। इस दौरान लोगों ने बीएलओ को हटाने की मांग की।
बलिया जिले के फेफना गांव में भी कई लोगों ने अपना मतदाता सूची में ना होने पर बीएलओ पर लगाया पक्षपात का आरोप लगाया है। इस कारण स्थानीय गांव के कई लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं होने से जहां कुछ मतदाता निराश होकर बिना वोट दिए वापस लौट आए वहीं, कुछ ने बीएलओ और मतदान कर्मियों से सवाल-जबाब भी किया।
वोट ना डाल पाने से निराश राकेश मिश्र ने बताया कि मेरे पूरे परिवार का नाम मतदाता सूची से गायब है। उन्होंने बताया कि मैं पिछले 30 वर्षों से वोट करता आ रहा हूं। बटुकेश्वर दत्त मिश्र ने बताया कि परिवार में 17 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। अखिलेश मिश्र ने बताया कि बीएलओ ने किसी राजनीतिक पार्टी के साथ में आकर ऐसा काम किया है।
चंदौली के शाहपुर भुजहुआं गांव में लगभग 350 मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से काट दिए जाने से ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। पहले इन लोगों का नाम मतदाता सूची में चादीतारा गांव में शामिल था।