तेज बहादुर के खिलाफ वाराणसी के कैंट थाने में एफआईआर, आचार संहिता के उल्लंघन का लगाया आरोप
निर्दलीय चुनाव लड़ने से सपा में आए बीएसएफ के बर्खास्त सिपाही तेज बहादुर यादव को लेकर बनारस की सियासत गर्म है। 1 मई को तेज बहादुर यादव का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद सपा का सिंबल शालिनी यादव को मिल गया और शालिनी अधिकृत प्रत्याशी घोषित हुई। इसके बाद तेज बहादुर के खिलाफ वाराणसी के कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
बीएसएफ से बर्खास्त सिपाही तेज बहादुर यादव के खिलाफ गुरुवार रात आदर्श चुनाव आचार संहिता और धारा 144 के उल्लंघन सहित अन्य आरोपों में कैंट थाने में एफआईआर दर्ज की गई। यह कार्रवाई अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी की तहरीर पर की गई है।
अधिवक्ता का आरोप है कि बुधवार को नामांकन पर्चों की जांच के दौरान तेज बहादुर यादव ने डीएम पोर्टिको के नीचे भीड़ इकट्ठा कर लोकसभा चुनाव की आचार संहिता और धारा 144 का उल्लंघन किया गया। उनके कारण कलक्ट्रेट परिसर में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया था।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग
उधर, अधिवक्ता हनुमंत सिंह उर्फ नन्हें ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया। प्रार्थना पत्र के द्वारा कलक्ट्रेट प्रांगण स्थित शिव मंदिर में दूसरे धर्म के लोगों और भीषण गर्मी की परवाह न करते हुए छोटे बच्चों के साथ धरना देने के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इंस्पेक्टर कैंट ने बताया तहरीर के आधार पर तेज बहादुर यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अधिवक्ता हनुमंत सिंह द्वारा दी गई तहरीर की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।