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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Loan of ₹10 lakh obtained from bank by posing as police officer FIR ordered in varanasi

वाराणसी: पुलिसकर्मी बनकर बैंक से लिया 10 लाख का लोन, कोर्ट तक पहुंचा मामला; एफआईआर का आदेश

Sat, 22 Aug 2026 03:07 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Sat, 22 Aug 2026 03:07 PM IST
सार

Varanasi News: बैंक की ओर से दाखिल प्रार्थनापत्र में बताया गया कि त्रिगुना निवासी आरोपी ने 27 दिसंबर 2023 को ऋण के लिए आवेदन किया था। खुद को पुलिस कांस्टेबल बताते हुए फर्जी दस्तावेज भी उपलब्ध कराए। रकम लेने के बाद किश्तों का भुगतान बंद कर दिया। 

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Loan of ₹10 lakh obtained from bank by posing as police officer FIR ordered in varanasi
निर्णयों में इतना विलंब क्यों? - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

खुद को पुलिस का सिपाही बताकर बैंक ऑफ बड़ौदा की नीचीबाग शाखा से 10 लाख का पर्सनल लोन लेने के मामले में अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। आरोप है कि देवरिया निवासी त्रिगुना ने फर्जी दस्तावेज और पुलिस विभाग का फर्जी कर्मचारी कोड लगाकर बैंक को गुमराह किया और ऋण की रकम लेने के बाद किश्तों का भुगतान बंद कर दिया। 

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विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कृष्ण कुमार ने 14 अगस्त को प्रार्थनापत्र स्वीकार कर थाना चौक को प्राथमिकी दर्ज कर 15 दिन में आख्या कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। बैंक की ओर से दाखिल प्रार्थनापत्र में बताया गया कि त्रिगुना निवासी बराठी, पोस्ट सलेमपुर, देवरिया ने 27 दिसंबर 2023 को ऋण के लिए आवेदन किया था। खुद को पुलिस कांस्टेबल बताते हुए कर्मचारी कोड और जन्मतिथि दर्ज कराई। 
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आरोप है कि बैंक में प्रस्तुत किए गए दस्तावेज जांच में फर्जी पाए गए। ऋण मिलने के बाद कुछ समय तक भुगतान किया गया, लेकिन बाद में ईएमआई जमा नहीं की। बैंक का ऋण खाता तीन जुलाई 2024 को एनपीए हो गया। बैंक ने 10 जुलाई, 28 अगस्त और 30 सितंबर 2024 को नोटिस भेजे। इसके बाद 21 अप्रैल 2026 को अंतिम कानूनी नोटिस भी भेजा गया, लेकिन आरोपी ने बकाया रकम जमा नहीं की। 

बैंक ने 20 मई 2026 को थाना चौक में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस की जांच रिपोर्ट में भी आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए गए। अदालत ने माना कि विवेचना के बाद ही सामने आएंगे।  

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