ब्रिटिश पुल की मरम्मत के बाद लोड टेस्टिंग का काम शुरू, केंद्रीय मंत्री की पहल पर काम में आई तेजी
चंदौली जिले में नौबतपुर स्थित बिहार बार्डर पर कर्मनाशा नदी पर बने नए पक्के पुल के दिसंबर 2019 में क्षतिग्रस्त होने के बाद नदी के दोनों ओर अस्थायी पुल बनाकर वाहनों का आवागमन हो रहा है। मगर इस अस्थायी पुल को जून में बंद कर दिया जाएगा।
ऐसे में जब तक क्षतिग्रस्त नए पक्के पुल की मरम्मत नहीं हो जाती है तब तक ब्रिटिश समय के बने पुराने पुल की मरम्मत कर बृहस्पतिवार को लोड टेस्टिंग का काम पूरा कर लिया गया। इससे बारिश में भी वाहनों का आवागमन ठप नहीं होगा।
दरअसल पिछले साल नए पक्के पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद यूपी-बिहार सहित पूर्वोत्तर के राज्यों का संपर्क टूट गया था। तब केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने पहल पर केंद्रीय सडक परिवहन एवं एनएचएआई ने नए पक्के पुल की मरम्मत शुरू कराई थी। जून तक काम पूरा करना था लेकिन लाकडाउन के चलते नए क्षतिग्रस्त पक्के पुल का काम बाधित हो गया।
केद्रीय मंत्री की पहल पर ब्रिटिश समय में कर्मनाशा नदी पर बने पुल की मरम्मत का काम शुरू हुआ। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद बृहस्पतिवार को उसकी लोड टेस्टिंग शुरू करा दी गई। एनएचएआई के टेक्नीकल मैनेजर नागेश सिंह ने बताया कि ब्रिटिश जमाने के पुल की क्षमता 160 टन की है।
मरम्मत के बाद चार डंपर में मिटटी लादकर पुल पर खड़ा कर मशीन द्वारा लोड टेस्टिंग करा ली गई है। पुल पर 35-40 टन माल लादकर वाहन यूपी और बिहार से दो-दो वाहन आजा सकेंगे। वहीं इस पुल की रेलिंग का काम बाकी है से भी पूरा कराकर वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त नए पक्के पुल की मरम्मत का काम भी जारी है। इसे भी जल्द पूरा करा लिया जाएगा।