निर्भया के गांव से LIVE: आखिर क्यों दोषियों की फांसी के बाद भी खुशी के बीच है चिंता का माहौल
देर रात सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूर्व निर्धारित समय पर निर्भया के चारों दोषियों अक्षय, मुकेश, विनय और पवन को तिहाड़ जेल में आज 5 बजकर 30 मिनट पर फांसी दे दी गई। फांसी होते ही उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नरही थाना क्षेत्र में स्थित निर्भया के पैतृक गांव में जश्न का माहौल है।
वहीं खुशी के माहौल के बीच गांव की युवतियों में मानवता को शर्मशार कर देने वाली इस घटना के बाद न्याय की आस में निर्भया के परिजनों को जिस तरह से 7 साल तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। कानून के इस लचीलेपन को लेकर चिंता का माहौल है।
सभी की एक स्वर में मांग है कि कानून के इस लचीलेपन को समाप्त किया जाय, जिससे कि इस तरह की घटना के बाद पीड़िता और उनके परिजनों को जल्द न्याय मिले, तभी ऐसे अपराधियों में भय कायम होगा।
रेड ब्रिगेड ट्रस्ट व निर्भया ज्योति ट्रस्ट की सदस्य आर्या पांडेय ने बताया कि निर्भया के दोषियों की देर से ही सही फांसी से खुशी है। कानून में कमियों को समाप्त करने का प्रयास होना चाहिए।
खुशी जाहिर करते हुए रेड ब्रिगेड ट्रस्ट की सदस्य दिव्या पांडेय चारों आरोपियों की फांसी से खुशी है। इससे इस तरह के कृत्य करने वालों में डर होगा।
निर्भया ज्योति ट्रस्ट की सदस्य खुशी शर्मा का कहना है कि सात साल से इसी पल का इंतजार कर रहे थे कि कब दरिंदे फांसी पर झूलेंगे और हमलोग होली दिवाली मनाएंगे। आज वह पल मिला है।
आंचल शर्मा कहती हैं कि निर्भया के दरिदों की फांसी से खुशी है। इससे बेटियों का आत्मबल बढ़ेगा और निडर होकर कहीं भी जाकर पढ़ाई कर सकेंगी। दिव्यानी पांडेय ने कहा कि निर्भया को तो देर से ही सही न्याय मिला और लाख तिकड़म के बावजूद आरोपी फांसी से नहीं बच सके।